अखिलेश के राज में लालटेन की रोशनी में होगी बोर्ड परीक्षा
यूपी बोर्ड की परीक्षा विद्यार्थी लालटेन की रोशनी में देंगे। पीएम मोदी के डिजिटल इंडिया और सीएम अखिलेश के संवरते प्रदेश के लिए यह झटका है, लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार के खाद्य एवं रसद अनुभाग का आदेश यही कह रहा है।
इस आदेश में यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए उन परीक्षा केंद्रों मिट्टी का तेल उपलब्ध कराने की बात कही गई है जहां बिजली की व्यवस्था नहीं है। आदेश परीक्षा केंद्रों को भी अग्रसारित कर दिया गया है।
संयुक्त सचिव उत्तर प्रदेश सरकार के खाद्य एवं रसद अनुभाग 7 लखनऊ द्वारा जारी निर्देश में माध्यमिक शिक्षा विभाग से विद्युत रहित परीक्षा केंद्रों की सूची मांगी गई है। जिससे परीक्षा केंद्रों को प्रकाश की व्यवस्था के लिए मिट्टी का तेल उपलब्ध कराया जा सके।
परीक्षा को लेकर शासन की गंभीरता पर सवाल
अब पहला सवाल शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर है कि आखिर बिजली की सुविधा न रखने वाले विद्यालय परीक्षा केंद्र बनाए ही क्यों। दूसरा परीक्षा केंद्रों पर बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था की जगह लालटेन जलवाने का निर्णय लिया गया, जबकि परीक्षा आरंभ होने में अभी लगभग 40 दिन हैं। जनपद में डीआईओएस कार्यालय ने कुल 172 परीक्षा केंद्र के व्यवस्थापक और विद्यालय प्रधानाचार्य को आदेश जारी कर मिट्टी के तेल की मांग बताने को कहा है।
जनपद में बड़ी संख्या में देहात के विद्यालय भी परीक्षा केंद्र है। वहां विद्युत व्यवस्था न होने की आशंका भी व्यक्त की गई है। पूर्व शिक्षा सचिव के कोडेड कॉपी पर परीक्षा कराने की बात कही थी, जो पूरी नहीं हुई। अब परीक्षा केंद्रों पर मिट्टी के तेल की मदद से परीक्षा कराना शासन और विभाग की परीक्षा को लेकर गंभीरता पर सवाल है।
मथुरा जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. अरुण कुमार दुबे का कहना है कि विद्युत रहित विद्यालयों में मिट्टी का तेल वितरित किए जाने संबंधी निर्देश के अनुपालन में सभी परीक्षा केंद्र के केंद्र व्यवस्थापक और प्रधानाचार्य को विद्यालय विद्युत रहित होने की सूचना देने को कहा है। साथ ही आवश्यकतानुसार मिट्टी के तेल की न्यूनतम मांग दो दिन के अंदर डीआईओएस कार्यालय में जमा कराने का निर्देश दिया है।