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हुंकार रैली: काफी पहले से थी धमाकों की तैयारी
हिमांशु मिश्र/दिल्ली
Updated Mon, 28 Oct 2013 09:25 AM IST
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भाजपा के पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की रैली के दौरान रविवार को पटना में हुए धमाकों की साजिश आतंकियों ने काफी समय पहले रची थी।
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गृह मंत्रालय को धमाकों की साजिश में आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिद्दीन (आईएम) का हाथ होने का अंदेशा है। इसकी पुष्टि के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) बोधगया में बीते दिनों हुए सिलसिलेवार धमाकों और रविवार की घटना में तारतम्य स्थापित करेगी।
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राज्य सरकार साजिश की पूर्व सूचना होने से इंकार कर रही है, लेकिन खुफिया एजेंसियों का दावा है कि इस तरह के हमले की आशंका से प्रदेश सरकार को पहले ही अवगत करा दिया गया था।
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उधर, केंद्रीय गृह मंत्रालय धमाकों को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधने से बच रहा है, लेकिन मंत्रालय के अधिकारी इसे बड़ी सुरक्षा चूक और खतरनाक लापरवाही करार दे रहे हैं।
सीरियल ब्लास्ट की यह घटना राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के बिहार दौरे के महज एक दिन बाद घटी है। इसलिए गृह मंत्रालय के अधिकारी राज्य सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
वैसे तो गृह मंत्रालय पटना में हुए बम धमाकों के साजिशकर्ताओं के बारे में कुछ भी कहने से बच रहा है, लेकिन उसका पहला शक आईएम पर है। इस संबंध में मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि फिलहाल जांच जारी है। लेकिन धमाकों में जिस तरह के कम तीव्रता वाले बमों और डेटोनेटर का इस्तेमाल किया गया, उससे संदेह आईएम और उसके मुधबनी मॉड्यूल पर जाता है।
अधिकारी का कहना था कि विस्फोट के तरीके और इसके लिए इस्तेमाल में लाए गए तत्वों का बोधगया में हुए धमाकों से मिलाने के बाद ही इस बारे में अंतिम रूप से किसी नतीजे पर पहुंचा जा सकता है।
उधर, खुफिया एजेंसियों का दावा है कि इस तरह की घटना की आशंका राज्य सरकार के समक्ष पहले ही जता दी गई थी। एजेंसी के सूत्रों का कहना है कि शनिवार को राष्ट्रपति और रविवार को नरेंद्र मोदी के बिहार दौरे को देखते हुए सुरक्षा के मामले में पहले ही राज्य सरकार को सतर्क कर दिया गया था।
बहरहाल, गृह मंत्रालय का मानना है कि धमाकों को अंजाम देने की तैयारी बहुत पहले शुरू कर दी गई थी। जिस प्रकार रैली स्थल पर बड़ी संख्या में बम जमीन के अंदर रखे गए थे, उससे आतंकी संगठन की तैयारियों का अंदाजा लगाया जा सकता है।
सूत्रों का कहना है कि गिरफ्तार किए गए लोगों से पूछताछ के बाद मंत्रालय सोमवार को इस घटना के साजिशकर्ताओं का खुलासा कर सकता है।