बम धमाके बाद वाघा बार्डर पर रेड अलर्ट, सेना तैनात
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वाघा बार्डर अटारी पर रविवार को पाकिस्तान की तरफ हुए धमाके की घटना के बाद भारतीय क्षेत्र में रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है। बीएसएफ के साथ ही सेना ने सुरक्षा की कमान संभाल ली है। बीएसएफ ने अटारी बार्डर के साथ-साथ वाघा बार्डर और रिट्रीट सेरेमनी के स्थान पर सुरक्षा ढांचा और मजबूत बना दिया है। वहीं, रिट्रीट सेरेमनी की तरफ जाने वाले रास्ते पर पंजाब पुलिस भी तैनात कर दी गई है।
बीएसएफ से मिली जानकारी के अनुसार, रविवार को जैसे ही रिट्रीट सेरेमनी खत्म हुई तो पाकिस्तान की तरफ पार्किंग स्थल से जोरदार धमाके की आवाज सुनी गई। पाकिस्तान की तरफ धमाके से वाहनों के परखच्चे उड़ गए। घटना शाम करीब सवा 6 बजे हुई। भारत और पाकिस्तान दोनों ओर रविवार को रिट्रीट सेरेमनी देखने वालों की तादाद करीब 15 से 18 हजार तक पहुंच जाती है।
घटना के बाद अटारी बार्डर पर बड़ी संख्या में बीएसएफ के सिपाही तैनात कर दिए गए हैं। वहीं केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश पर सेना को भी तैनात कर दिया गया है। बीएसएफ के डीआईजी आरपीएस जायसवाल का कहना है कि पाकिस्तान की तरफ रिट्रीट सेरेमनी खत्म होने के बाद अचानक हुए धमाके के बाद ही सीमा क्षेत्र में रेड अलर्ट जारी किया गया है। घटना चाहे पाकिस्तान के क्षेत्र में हुई है, लेकिन भारत की तरफ भी सुरक्षा को मजबूत कर दिया गया है। सोमवार से पर्यटकों की गतिविधियों पर भी विशेष नजर रखी जाएगी।
57 लोगों की मौत, 200 से अधिक घायल
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में वाघा बॉर्डर के पास एक रेस्तरां के बाहर रविवार शाम 5.50 बजे हुए एक शक्तिशाली आत्मघाती विस्फोट में कम से कम 57 लोगों की मौत हो गई, जबकि 200 से अधिक घायल हो गए। मरने वालों में तीन पाक रेंजर्स सहित महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। भारत-पाक सीमा पर दोनों देश के राष्ट्रीय ध्वज उतारने की रस्म के तुरंत बाद यह विस्फोट हुआ।
पाक मीडिया के मुताबिक अलकायदा से जुड़े संगठन जुनदुल्लाह ने विस्फोट की जिम्मेदारी ली है। पंजाब पुलिस के महानिरीक्षक मुश्ताक सुखेरा ने कहा कि पाकिस्तान रेंजर्स की परेड देखकर भारी संख्या में लोग बाहर निकल रहे थे तभी आत्मघाती हमलावर ने एक गेट के पास खुद को विस्फोट से उड़ा लिया।
उन्होंने एक सवाल पर कहा कि बॉर्डर पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे लेकिन आत्मघाती विस्फोट को रोकना मुश्किल था। उन्होंने कहा कि मुहर्रम को देखते हुए ऐसी सूचना थी कि कुछ प्रतिबंधित संगठन शिया मुसलमानों, धार्मिक लोगों, सार्वजनिक कार्यक्रमों और महत्वपूर्ण इमारतों को निशाना बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी टीम ने यह पुष्टि कर दी है कि यह एक आत्मघाती विस्फोट था। रेंजर्स ने आत्मघाती हमलावर को जैसे ही आगे जाने से रोका, उसने विस्फोट कर खुद को उड़ा लिया। उनसे करीब पांच किलो विस्फोटक का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि रेस्तरां रेंजर्स के चेक प्वाइंट के करीब है। एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि घटना स्थल से बॉल बेयरिंग बरामद किए गए हैं।
अलकायदा से जुड़े संगठन ने ली जिम्मेदारी
पंजाब के आपातकालीन सेवा के प्रवक्ता जाम सज्जाद ने कहा कि 55 लोगों की मौत हुई और मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है। बाघा बॉर्डर के पास स्थित घुर्की अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. इफ्तिखार ने कहा कि करीब 200 लोग घायल हुए हैं। स्थानीय अस्पताल में पर्याप्त सुविधा नहीं होने के कारण अधिकतर घायलों को लाहौर के अस्पतालों में भर्ती करवाया गया है। लाहौर के सभी अस्पतालों में आपात स्थिति की घोषणा कर दी गई है। इलाके से पत्रकारों को हटा दिया गया है और पाकिस्तान रेंजर्स ने घटना स्थल की घेराबंदी कर दी है। पहले आई रिपोर्ट में इसे सिलेंडर से हुआ विस्फोट करार दिया गया था। प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने विस्फोट की निंदा करते हुए घायलों के बेहतर इलाज का आदेश दिया है। वाघा ही एक मात्र बॉर्डर है जहां से अमृतसर से लाहौर के बीच सड़क संपर्क है।
बाघा बॉर्डर पर हर रोज भारी भीड़ जुटती है
लाहौर शहर के बाहरी इलाके में स्थित बाघा बॉर्डर पर ध्वज उतारने के कार्यक्रम को देखने के लिए सीमा के दोनों तरफ हर रोज भारी भीड़ जुटती है। यह रस्म दोनों देश की सेना दशकों से निभाती आ रही है।
अलकायदा से जुड़े आतंकी संगठन जुनदुल्लाह ने इस आत्मघाती हमले की जिम्मेदारी ली है। इस संगठन ने पिछले सितंबर में पेशावर में एक आत्मघाती विस्फोट किया था, जिसमें ईसाई समुदाय के 78 लोग मारे गए थे। तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान से अलग हुए इस गुट के अहमद मारवाट ने कहा कि आतंकियों के खिलाफ के चलाए जा रहे मिलिट्री ऑपरेशन की प्रतिक्रिया में यह विस्फोट किया गया है।
15 मिनट पहले धमाका होता तो...
वाघा सीमा पर रिट्रीट सेरेमनी के तत्काल बाद पाक इलाके में हुए धमाके ने भारतीय सुरक्षा बलों की नींद भी उड़ा दी है। बीएसएफ के अधिकारियों ने माना है कि रिट्रीट सेरेमनी के दौरान अगर यह धमाका होता तो वहां मौजूद 15 हजार से ज्यादा भारतीय दर्शकों में भी भगदड़ मच सकती थी।
सुरक्षा बल के अफसरों ने बताया कि रविवार होने की वजह से रिट्रीट सेरेमनी देखने आए लोगों की संख्या आम दिनों से बहुत ज्यादा थी। बीएसएफ के लिए राहत की बात यह थी कि शाम विस्फोट के समय इस तरफ के अधिकतर दर्शक निकल चुके थे। यही वजह है कि भारतीय इलाके में कोई बड़ा हादसा होने से टल गया। विस्फोट के बाद बीएसएफ ने समूची पाक सीमा पर सुरक्षा और गश्त बढ़ा दी है। हालांकि जेएंडके सीमा पर तनाव के चलते बीएसएफ पहले ही अलर्ट थी। ब्लास्ट के बाद बीएसएफ समेत सभी भारतीय सुरक्षा और गुप्तचर एजेंसियां एक्टिव हो गई हैं। उनके लिए चिंता की बात यह है कि अगर पाक संगठन सीमा पार इतने नजदीक विस्फोट कर सकते हैं तो सीमा के इस पार के हिस्से को भी निशाना बना सकते हैं।
गौरतलब है कि पाक आतंकवादी संगठन इससे पहले भी इस इलाके को निशाना बना चुके हैं। लेकिन पाकिस्तान ने कभी इस मुद्दे पर गंभीरता नहीं दिखाई। बीएसएफ के साथ हुई बैठक में पाक रेंजर्स ने इस मुद्दे पर बात करने तक से इनकार कर दिया था। बीएसएफ के आईजी अशोक कुमार ने कहा कि रिट्रीट सेरेमनी में सुरक्षा के इंतजाम और कड़े कर दिए गए हैं। बीएसएफ पहले से ही अलर्ट है और हर परिस्थिति से निपटने में समर्थ है।