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पनडुब्बी में जहां धमाके हुए वहीं रखी थीं मिसाइलें
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Thu, 15 Aug 2013 12:06 AM IST
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मुंबई में नौसेना डॉकयार्ड पर आईएनएस सिंधुरक्षक पनडुब्बी के अगले भाग में जहां धमाके हुए वहां मिसाइल और टॉरपीडो भी रखे थे।
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तकनीकी तौर पर अति उन्नत इन मिसाइलों और टॉरपीडो के भंडारण की जगह के नीचे पनडुब्बी की बैटरी चार्ज करने की जगह है।
मंगलवार की आधी रात को हुए अचानक धमाके की असल वजह का लगाने में जुटी नौसेना का मानना है कि इस धमाके में आक्सीजन व हाइड्रोजन गैस और मिसाइलों के बारूद का मिलाजुला असर होगा।
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गैसों और बारूद के इसी मिश्रण ने इस धमाके को कई गुना ज्यादा खतरनाक बना दिया। अभी यह अंदाज लगाना मुश्किल है कि आग से धमाका हुआ या धमाके से आग लगी।
नौसेना सूत्रों ने बताया कि पानी के भीतर ही मार करने वाली टॉरपीडो में आक्सीजन गैस होती है। जबकि पनडुब्बी की बैटरी को चार्ज करने के दौरान इतनी हाईड्रोजन गैस निकलती है जिसे तकनीकी तौर पर काबू करना पड़ता है। लेकिन यह ऐसी समस्या नहीं जो खतरनाक साबित हो।
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हालांकि 2010 में बैटरी के चलते ही इस पनडुब्बी में आग लग चुकी है जिसमें एक नौसेना अधिकारी की मौत हो गई थी। यह लैडसेल बैट्री होती है।
सूत्रों के मुताबिक धमाके के बाद इन बैट्री में मौजूद एसिड का धुआं और बारूद से निकले उच्च तापमान ने पनडुब्बी के भीतर मौजूद किसी को भी बचने का मौका नहीं दिया होगा।
जैसे ही यह धमाका हुआ अगले हिस्से में समुद्र का पानी तेजी से घुसा जिसके वजन से पनडुब्बी उल्टी खड़ी हो गई।