एक लाख करोड़ के काले धन का पता चला
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सरकार ने पिछले वित्त वर्ष में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की अघोषित आय के बारे में पता लगाया। यह आंकड़ा वर्ष 2012-13 में काले धन पर रोक के लिए आयकर विभाग की ओर से की गई छापेमारी और जब्ती में पता चले धन से तीन गुना है।
आंकड़ों के मुताबिक आयकर विभाग ने बीते वित्त वर्ष में छापेमारी के दौरान 10,791.63 करोड़ रुपये के धन का खुलासा किया था। विभाग ने इसी अवधि में चलाए गए सर्वे अभियान के जरिए 90,390.71 करोड़ रुपये की अघोषित आय का पता लगाया।
अकेले एक कारपोरेट समूह के 71,195 करोड़
रोचक बात यह है कि इनमें से 71,195 करोड़ रुपये की अघोषित आय केवल एक कारपोरेट समूह की है जो ऊर्जा सेक्टर में काम करता है। वह समूह वर्तमान में आयकर विभाग के डिमांड के खिलाफ अदालत में मुकदमा लड़ रहा है।
आयकर विभाग ने कर चोरी रोकने के लिए व्यक्तियों, कंपनियों, निगमों और अन्य वित्तीय संस्थाओं के खिलाफ यह अभियान चलाया। इन छापेमारी और सर्वे अभियानों के दौरान कुल 101,181 करोड़ रुपये का पता चला।
सर्वे में आयकर विभाग के अधिकारी केवल कंपनियों के परिसरों में छापेमारी करते हैं। वित्त वर्ष 2012-13 में यह आंकड़ा 29,628 करोड़ रुपये था। बीते वित्त वर्ष में विभाग ने आभूषण, सावधि जमा और नकदी के रूप में 807.84 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की।