काले धन पर स्विट्जरलैंड में मिली बड़ी कामयाबी
काला धन मामले पर कार्रवाई के दबाव को देखते हुए स्विट्जरलैंड ने कहा है कि वह भारत के साथ तेजी से सहयोग कर रहा है। दोनों देशों के बीच खातों की जानकारी देने से इंकार करने संबंधी मामले पर द्विपक्षीय संबंध तनावपूर्ण हो गए थे।
स्विट्जरलैंड की सरकार ने कहा है कि सूचना के साझा करने के कठिन माहौल और मतभेदों के बीच भी भारत के साथ बातचीत के दरवाजे खुले हुए हैं। भारत को उच्च प्राथमिकता देते हुए स्विट्जरलैंड ने अपनी हाल की इंटरनेशनल फाइनेंस और टैक्स मामलों की वार्षिक रिपोर्ट में उसे चार महत्वपूर्ण साझेदारों के रूप में वर्णित किया है।
जिसके साथ 2014 में टैक्स संबंधी मामलों में तेजी से सहयोग किया जा रहा है। रिपोर्ट में भारत के साथ ही फ्रांस, इटली और अमेरिका भी शामिल हैं।
भारत स्वतंत्र सबूत देगा तो करेंगे पूरी मदद
लंबे समय से बैंकिंग संबंधी गोपनीयता के लिए चर्चित स्विट्जरलैंड पर दुनियाभर में गैर कानूनी पूंजी के प्रवाह को तोड़ने के लिए गहरा दबाव है।
भारत के स्विट्जरलैंड से अपने नागरिकों के खातों संबंधी जानकारी की मांग को अधिकांश यूरोपीय देश सूचना चोरी का हवाला देते हुए इंकार करते रहे हैं। इसलिए भारत ने अपनी रणनीति बदलते हुए स्विस बैंक में काले धन संबंधी संदेहास्पद मामलों पर स्वतंत्र रूप से सबूत एकत्रित कर जानकारी मांगी है।
स्विट्जरलैंड इस बात पर राजी हो गया है कि यदि भारत स्वतंत्र रूप से सबूत पेश करेगा तो वह उसके साथ सूचना साझा करेगा। पिछले महीने केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने स्विस विदेश मंत्री इवलीन विडमर शुलम्फ से दावोस में वर्ल्ड इकोनोमिक फोरम की बैठक के दौरान मुलाकात की थी।