स्विस बैंक में भारतीयों के 25 हजार करोड़, नेताओं के नाम भी
स्विस बैंक एचएसबीसी में कालाधन रखने वाले 1195 भारतीयों के नाम लीक हो गए। इस खुलासे से भारत में हड़कंप मच गया है। इन लोगों के खातों 25,420 करोड़ रुपए जमा हैं।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक 'स्विस लीक्स' नाम के इस खुलासे में एचएसबीसी स्विस प्राइवेट बैंकिंग आर्म्स से वे सारे दस्तावेज लीक हो गए हैं जो वर्षों से एक रहस्य बने हुए थे। एचएसबीसी से लीक हुए इन दस्तावेजों में 2006 से 2007 के बीच हुए बैंकिंग लेनदेन की सूचनाएं हैं।
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि कालेधन पर सुप्रीम कोर्ट की ओर से बनी एसआईटी को केंद्र सरकार ने कुल 628 नामों की लिस्ट दी जो इस स्विस लीक्स में मिले भारतीय नामों के मात्र आधे हैं।
(फोटो: सौजन्य, इंडियन एक्सप्रेस)
तीन महीने की पड़ताल के बाद मिली सूचना
'स्विस लीक्स' रिपोर्ट में बताया गया है एचएसबीसी में कालाधन रखने वालों की जांच के लिए अमेरिकी संस्था इंटरनेशनल कांसोरियम ऑफ इन्वेस्टिगेटिंव जर्नलिस्ट्स और पेरिस के ली मोंडे न्यूजपेपर से मिलकर इंडियन एक्सप्रेस ने करीब तीन महीने जांच की, जिसमें इन खातों के बारे में जानकारी मिली है।
'स्विस लीक्स' रिपोर्ट में दावा किया गया है कि एचएसबीसी में जिन 1195 लोगों के नाम हैं उनमें से व्यापारियों, हीरा उद्यमी, एनआरआई और राजनेताओं के नाम हैं।
'स्विस लीक्स' में आए नामों की लिस्ट भी जारी की गई है जिसमें कई जाने पहचाने चेहरे सामने आए हैं। अगले पेज में पढ़िए कालाधन रखने वालों के नाम।
इन लोगों का है कालाधन
इंडियन एक्प्रेस में 'स्विस लीक्स' में कालाधन रखने वाले जिन लोगों के नाम जारी किए हैं उनमें अलग-अलग श्रेणियों के नाम शामिल किए गए हैं। देश के लभगग सभी बड़े व्यापारियों, कई हीरा कारोबारियों और कुछ राजनेताओं के नाम हैं।
व्यापारियों के नाम
मुकेश अंबानी, अनिल अंबानी, आनंद चंद बर्मन, राजन नंदा, यशोवर्धन बिरला, चंद्रू लछमनदास रहेजा, दत्ताराज सालगांवकर, भद्रश्याम कोठारी और श्रवण गुप्ता के नाम शामिल हैं।
हीरा कारोबारियों के नाम
इंडियन एक्सप्रेस में जिन हीरा कारोबारियों के नाम दिए हैं उनमें रौशेल मेहता, अनूप मेहता, सौनक पारीख, चेतन मेहता, गोविंद भाई ककाडिया और कुणाल शाह हैं। इनमें ज्यादातर का पता मुंबई का है। अगले पेज में पढ़िए राजनेताओं के नाम।
इन नेताओं के भी हैं कालेधन के खाते
'स्विस लीक्स' में कुछ ही राजनेताओं के नाम सामने आए हैं और इनमें से कुछ के नाम पहले आए जिन्होंने अपना कालाधन होने की बात को इनकार किया था।
ये नाम हैं- यूपीए सरकार में मंत्री रहीं परनीत कौर, कांग्रेस सांसद अन्नू टंडन और उनके परिवार के लोग, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री नारायण राणे, और उनकी पत्नी नीलम राणे और बेटा नीलेश राणे, कांग्रेस के भूतपूर्व मंत्री वसंत साठे के नाम हैं। इसके अलावा बाल ठाकरे की बहू स्मिता ठाकरे का नाम भी इस लिस्ट में है।
एनआरआई/पीआईओ के नाम
स्वराज पॉल, मन्नू छाबरिया के परिवार वालों के नाम, राजेंद्र रुइया, विमल रुइया और नरेश कुमार गोयल के नाम भी इस सूची में शामिल हैं।
किसके पास कितना है कालाधन?
'स्विस लीक्स' में आए 1195 में नामों 628 वे नाम भी हैं जिन्हें फ्रांस सरकार ने 2011 में भारत सरकार को सौंपा था। 25420 करोड़ रुपए के कालेधन मतें मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्री का 164.92 करोड़ रुपए, अनिल अंबानी के 164.92 करोड़ रुपए, जेट एअरवेज के मालिक नरेश गोयल के 116 करोड़ रुपए, वर्मन परिवार के डाबर ग्रुप के 77.5 करोड़ रुपए, मनु छाबरिया परिवार के 874 करोड़ रुपए हैं।
इसके अलावा महेश टीकमदास थरानी- 251.7 करोड़ रूपये
अनु टंडन, पूर्व कांग्रेस सांसद्र संदीप टंडन, पूर्व आईआरएस- 166.1 करोड़ रूपये,
श्रवण-शिल्पी गुप्ता- 209.56 करोड़ रूपये
एडमि. एस एम नंदा, सुरेश नंदा-14.2 करोड़ रूपये
भद्र श्याम कोठारी परिवार- 195.6 करोड़ रूपये
सुभाष वसंत साठे, इंद्राणी साठे- 4.64 करोड़ रूपये
स्मिता ठाकरे, बाल ठाकरे की बहू- 64 लाख रूपये
इसके अलावा तमाम नाम ऐसे भी हैं जिनके खातों में जमा रकम के बारे में अभी तक जानकारी नहीं मिल पाई है।
वित्तमंत्री बोले सबूत मिलने पर होगी कार्रवाई
इंडियन एक्सप्रेस पर एचएसबीसी में खाता रखने वाले 1195 नाम आने पर वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि यह नाम उनके पास पहले से मौजूद थे। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के खिलाफ टैक्स चोरी या गलत तरीके से पैसा बनाने का सबूत मिलेगा सरकार उन पर कार्रवाई करेगी।
उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में जिन खाता धारकों पर चार्जशीट दाखिल होगी उनके नाम अपने आप जनता के सामने आ जाएंगे। जेटली ने कहा कि केंद्र सरकार पिछले सात-आठ महीने में तेजी से कार्रवाई करते हुए कोर्ट को दिए गए 628 नामों में से 300 के खिलाफ सबूत पेश कर दिए हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार बाकी खातों के खिलाफ भी 31 मार्च तक सुप्रीम कोर्ट में सबूत पेश कर देगी।
वहीं सरकार ने 60 और नामों पर कार्रवाई करते हुए उनका खुलासा करने का ऐलान किया है। गौरतलब है कि जो 60 नए नाम आए हैं उनके खातों में है करीब 1500 करोड़ रुपए जमा होने की बात सामने आई है।
कालाधन पर बोले केजरीवाल
कालेधन पर इंडियन एक्सप्रेस की आर से किए खुलासे पर आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि उन्होंने इन नामों के बारे में पहले ही खुलासा कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि पले कांग्रेस सरकार ने कालेधन पर कुछ नहीं किया और अब भाजपा की सरकार इस पर कुछ नहीं कर रही है।
वहीं जिन लोगों पर विदेशों में कालाधन जमा करने का आरोप है उन्होंने भी अपनी सफाई दी है। यूपीए सरकार की पूर्व मंत्री प्रनीत कौर ने कहा कि उनका देश के बाहर कोई खाता नहीं है। अगर एचएसबीसी में मौजूद खाते में उनका नाम और जन्मतिथि एक ही है तो इसके बारे में उन्हें कोई पता नहीं है कि ये कैसे हुआ।
एनआरआई नेरश कुमार गोयल ने कहा है कि वे यूके नियमों के मुताबिक टैक्स देते हैं और विदेश में पैसा जमा करने की खास योजना का लाभ लेते हुए पैसा जमा किया है।