काला धन मामले में 600 और लोगों की सूची तैयार
सरकार 600 और ऐसे लोगों और संगठनों की जांच कर रही हैं, जिन पर विदेश में काला धन जमा करके रखने का संदेह है। सरकारी जांच एजेंसियों को पिछले वित्त वर्ष के दौरान एक ‘स्त्रोत’ की ओर से इन लोगों के नाम और पहचान मुहैया कराए गए थे।
वित्त मंत्रालय के अधीन काम करने वाली एजेंसी सेंट्रल इकोनॉमिक इंटेलिजेंस ब्यूरो (सीईआईबी) ने उन 600 लोगों और संगठनों के नाम और पहचान हासिल किए हैं, जिन पर विदेश में काला धन जमा करने का शक है।
एजेंसी की यह सूचना टैक्स मुद्दों से जुड़ी जानकारी साझा करने के लिए गठित एक्सचेंज के जरिये मिली है।
खास मैकेनिज्म के तहत मिली जानकारी
इस एक्सचेंज का गठन ओईसीडी देशों की पहल पर हुआ है और भारत भी इसका सदस्य है। एजेंसी के लिए भारतीयों की ओर से विदेश में जमा काला धन की जानकारी देना जरूरी है।
सेंट्रल इकोनॉमिक इंटेलिजेंस ब्यूरो ने काले धन से जुड़े जो आंकड़े हासिल किए हैं, उन्हें आयकर विभाग, प्रवर्तन निदेशालय, फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट और रेवेन्यू इंटेलिजेंस के निदेशालय को भी दिया गया है।
ये सभी एजेंसियां अपने कानून के हिसाब से टैक्स चोरी, मनी लॉड्रिंग और विदेशी मुद्रा कानून के उल्लंघन के संदर्भ में इन मामलों की जांच करेगी।
600 लोगों और संगठनों पर संदेह
प्रेस ट्रस्ट ने जिस आधिकारिक नोट के हवाले से इन आंकड़ों की जानकारी दी है, वे एक स्त्रोत के जरिये हासिल हुए हैं।
इनमें उन लोगों और संगठनों के नाम हैं, जिन पर विदेश में काला धन जमा करके रखने का संदेह है।
यह पहली बार है, जब इकोनॉमिक इंटेलिजेंस के राष्ट्रीय महत्व की नोडल एजेंसी को ये आंकड़े मिले हैं। अब तक विदेशी धरती पर जमा काले धन के बारे में केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबी़डीटी) की खास प्रकोष्ठ को यह जानकारी हासिल होती थी।