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2018 से पहले नहीं होगा काले धन का पर्दाफाश!

Mon, 16 Feb 2015 04:17 PM IST
Updated Mon, 16 Feb 2015 04:17 PM IST
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Black Money account holders information wait until 2018.

विदेश में काला धन जमा करने वालों का नाम जानने के लिए भारत को अभी तीन साल और इंतजार करना होगा। स्विट्जरलैंड सरकार ऑटोमेटिक इनफॉरमेशन एक्सचेंज व्यवस्था (ओईसीडी) के तहत अपने यहां के बैंकों में खोले गए खातों की जानकारी 2018 तक ही दे सकेगी।

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एक अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के पहले दौर में भारत समेत 40 से ज्यादा देश टैक्स चोरी के मसले पर सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए तैयार हुए हैं। ये देश ओईसीडी की ओर से बनाई गई इस व्यवस्था को अपनाने वाले शुरुआती सदस्य हैं।
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टैक्स चोरी और धोखाधड़ी की जानकारी साझा करने के लिए ओईसीडी की इस व्यवस्था के तहत सदस्य देश 2016 से आंकड़े इकट्ठा करना शुरू करेंगे। जानकारी साझा करने का काम पहली बार सितंबर, 2017 से होगा।
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2018 में जानकारी होगी साझा

Black Money account holders information wait until 2018.

हालांकि स्विट्जरलैंड सरकार इस व्यवस्था के तहत 2018 में पहली बार जानकारी साझा करेगी। स्विस सरकार की एक रिपोर्ट के मुताबिक 58 देश 2017 में सूचनाएं साझा करेंगे जबकि अन्य 35 देश 2018 में यह कदम उठाएंगे।

भारत 2017 में सूचनाएं साझा करने वाले देशों के समूह में शामिल है लेकिन स्विट्जरलैंड से सूचना लेने के लिए उसे एक साल और इंतजार करना होगा क्योंकि यह देश दूसरे समूह में शामिल है।

ऑटोमैटिक इनफॉरमेशन एक्सचेंज व्यवस्था के तहत सदस्य देशों के बीच जो सूचनाएं साझा की जाएंगी उनमें खाताधारकों के नाम, अकाउंट नंबर, पता, जन्म-तिथि, टैक्स आइडेंटिफिकेशन नंबर यानी टिन नंबर, खाते में जमा रकम पर ब्याज और लाभांश, इंश्योरेंस पॉलिसी के एवज में हासिल रिटर्न, बची रकम और वित्तीय संपत्ति बेचे जाने से होने वाली आय शामिल है।

एक और इंटेलिजेंस एजेंसी जांच में शामिल

Black Money account holders information wait until 2018.

विदेश में जमा काले धन की जांच के लिए एसआईटी एक और आर्थिक इंटेलिजेंस एजेंसी की मदद ले रही है।

सेंट्रल इकोनॉमिक इंटेलिजेंस ब्यूरो यानी सीईआईबी नाम की यह एजेंसी इस मामले से जुड़ी सभी जांच एजेंसियों और प्रवर्तन एजेंसी के बीच समन्वय का काम करेगी।

एसआईटी प्रवर्तन निदेशालय को जांच के समन्वय का काम सौंपना चाहती थी। लेकिन इसने समन्वय के लिए आखिरकार सेंट्रल इकोनॉमिक इंटेलिजेंस ब्यूरो को ही चुना।

एसआईटी विदेश में भारतीयों के जमा काले धन की जांच करने वाली एक दर्जन केंद्रीय एजेंसियों से मिल कम कर काम कर रही है।

खातों की जानकारी नहीं देंगे: HSBC

Black Money account holders information wait until 2018.

टैक्स चोरी के नए खुलासों के बाद एचएसबीसी की भारतीय इकाई विवादों में है। ऐसा बताया जा रहा है कि एचएसबीसी इंडिया के प्रतिनिधियों ने ग्राहकों को आश्वस्त किया है कि खातों की जानकारी टैक्स अधिकारियों को नहीं दी जाएगी।

एचएसबीसी ने ब्रिटेन के अखबारों में विज्ञापन देकर जानकारी लीक होने के लिए माफी मांगी है। माफीनामा इस जानकारी के खुलासे के बाद आया है कि स्विस बैंक की लंदन इकाई ने कुछ धनी भारतीयों को टैक्स चोरी में मदद की है।

यह सूचनाएं की जाएंगी साझा
ऑटोमेटिक इनफॉरमेशन एक्सचेंज व्यवस्था के तहत खाताधारकों के नाम, अकाउंट नंबर, पता, जन्म-तिथि, टिन नंबर, खाते में जमा रकम पर ब्याज और लाभांश समेत अन्य जानकारी का आदान-प्रदान होगा।

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