फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   bjp working on improving strength in south north east says rajnath

दक्षिणी राज्यों, पूर्वोत्तर में सीटें बढ़ाने पर भाजपा का जोर

Sun, 24 Feb 2013 07:11 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Sun, 24 Feb 2013 07:11 PM IST
विज्ञापन
bjp working on improving strength in south north east says rajnath

भाजपा दक्षिणी राज्यों एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र में अपनी चुनावी संभावनाओं को बेहतर बनाने पर जोर दे रही है। पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा कि कर्नाटक में हमारी सरकार है और हम राज्य में पिछले चुनाव में जीती गई सीटों को बरकरार रखने का प्रयास करेंगे। आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में भी हमारी स्थिति पिछले चुनाव से बेहतर हो सकती है।

विज्ञापन


राजनाथ के अनुसार पूर्वोत्तर क्षेत्र से पिछली बार चार सांसद निर्वाचित हुए और हमें उम्मीद है कि इस बार सीटें बढ़ेंगी। अगले आम चुनाव में दक्षिणी राज्यों एवं पूर्वोत्तर में राजग की संभावनाओं के सवाल पर उन्होंने कहा कि कई लोगों का मानना है कि कर्नाटक में पार्टी में आंतरिक कलह होने के कारण अगले लोकसभा चुनाव में हमारी पार्टी के प्रदर्शन पर प्रभाव पड़ सकता है।
विज्ञापन


उन्होंने स्वीकार किया कि कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के भाजपा से अलग होने के नुकसान के स्तर का आकलन नहीं कर सकते। कोई नुकसान होता है तब भी हम उसकी भरपाई करने की कोशिश करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


सिंह ने कहा कि 2014 के आम चुनाव में पार्टी कांग्रेस नीत संप्रग सरकार की विफलताओं को जनता के सामने रखेगी। साथ ही उन्हें यह बताएगी कि सत्ता में आने पर हम कौन-कौन से कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने पर जोर देंगे। सिंह ने कहा कि भाजपा के लिए यह जरूरी है कि वह अपने संगठनात्मक ढांचे को अधिक सक्रिय एवं प्रभावी बनाए।

भाजपा अध्यक्ष ने सत्ता के दो केंद्र होने को कांग्रेस सरकार की सबसे बड़ी खामी बताया। सिंह ने कहा कि अन्य राजनीतिक दलों में जो भी प्रधानमंत्री बनता है, उसके पास पूरा अधिकार होता है। मगर यहां ऐसा नहीं है।


उन्होंने जोर देकर कहा कि पिछले दो दशकों में भाजपा मजबूत होकर उभरी है, लेकिन इस अवधि में कांग्रेस कमजोर हुई है। गठबंधन सरकार में क्षेत्रीय दलों के महत्व को स्वीकार करते हुए उन्होंने कहा कि 2014 के चुनाव में कुछ ऐसी ही स्थिति सामने आ सकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed