...तो काशी में भाजपाई ही करेंगे मोदी का विरोध
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विरोधी दलों की छोड़िए, भाजपा के कई अपने वोटर और कार्यकर्ता भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नाराज हैं। बिजली, पानी, सफाई की किल्लत से नाराज शहर दक्षिणी विधानसभा के कई परिवारों ने मोदी की सभा के बहिष्कार का ऐलान किया है। विरोध करने वालों में अधिकतर भाजपा के सदस्य हैं।
इन्होंने बहिष्कार के अपने ऐलान के समर्थन में शनिवार को दर्जन भर से अधिक मुहल्लों में हस्ताक्षर अभियान भी चलाया। उधर, विरोध प्रदर्शन की भनक लगते ही भाजपा के स्थानीय नेताओं के होश उड़ गए हैं। नाराज परिवारों को मनाने के लिए पार्टी ने कई वरिष्ठ नेताओं को लगाया है।
पक्का महाल क्षेत्र के मानसरोवर, देवनाथपुरा, नारद घाट, नाथू साह ब्रह्मपुरी, पांडेय घाट, चौसठ्ठी घाट, हाथी फाटक, पतालेश्वर, गणेश महाल सहित अन्य मुहल्लों में रहने वाले आमजन और भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि बीते एक महीने से वे बिजली, पानी और सफाई जैसी बुनियादी समस्याओं से परेशान हैं।
गंदगी और पानी की समस्या से परेशान हैं लोग
भाजपा कार्यकर्ताओं के मुताबिक मुहल्लों में जगह-जगह कचरे का अंबार लगा हुआ है और कई जगहों पर सीवर बजबजा रहा है। पीने का साफ पानी भी नहीं मिलता। स्ट्रीट लाइटें अरसे से खराब पड़ी हैं। समस्याओं की शिकायत कई बार नगर निगम और जलकल विभाग के अधिकारियों से की गई, लेकिन आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं मिला।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने कहा कि आजिज आकर रविवार को पीएम की सभा के बहिष्कार का निर्णय लेना पड़ा। शनिवार को चले हस्ताक्षर अभियान में मूलचंद, राकेश साहनी, कन्हैयालाल यादव, मृणाल बागची, मोतीलाल शर्मा, चक्रनाथ मुखर्जी, रूमा चक्रवर्ती, अमित कुमार पाल, असीम कुमार, शीतला प्रसाद शुक्ला, वरुण राय सहित सैकड़ों लोग शामिल थे।
पीएम का काफिला रोकने की धमकी
बीएचयू में छात्रसंघ बहाली की मांग को लेकर रविवार को राष्ट्रीय छात्र संगठन के कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का काफि ला रोकने की रणनीति बनाई है। इस आंदोलन में पूर्वांचल के साथ ही बिहार इकाई के छात्रनेताओं के जुटने की बात कही जा रही है।
शनिवार को राछास की बैठक में विरोध प्रदर्शन की रणनीति पर चर्चा हुई। आंदोलनकारियों ने विरोध प्रदर्शन के कार्यक्रम के स्वरूप को पूरी तरह से गोपनीय रखा है। संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष अमित कुमार राय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को छात्रों की ताकत का अहसास कराना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि बीएचयू में छात्रसंघ की बहाली तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा। पीएम जब भी अपने संसदीय क्षेत्र के दौरे पर आएंगे, उनका विरोध किया जाएगा। इस बीच छात्रनेताओं की चेतावनी के बाद खुफिया एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।