अब मोदी का 'मिसयूज' नहीं करेगी भाजपा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिहार चुनाव परिणामों में लगे झटके के बाद बीजेपी ने आगामी बंगाल चुनाव के लिए संभलकर कदम बढ़ाने का मन बना लिया है। बीजेपी ने बिहार चुनाव प्रचार में पीएम मोदी का खूब जमकर इस्तेमाल किया, हालांकि इसका लाभ बीजेपी को चुनाव नतीजों में नहीं मिल सका इसका नतीजा पीएम मोदी की छवि पर पड़ता देख बीजेपी नई रणनीति अपना रही है।
नरेंद्र मोदी बिहार चुनाव प्रचार का मुख्य चेहरा थे। पूरे चुनाव प्रचार के दौरान बीजेपी के स्थानीय नेताओं को इस पूरे प्रचार से दूर रखा गया था। चुनाव परिणाम अनुकूल न होने की वजह से मोदी की छवि पर इसका असर पड़ा था। अब बीजेपी यही गलती दोबारा नहीं करना चाहती।
पश्चिम बंगाल के चुनाव के दौरान मोदी शुरुआत से पार्टी की रैलियों को संबोधित नहीं करेंगे। वह चुनाव प्रचार में तभी सक्रिय होंगे जब चुनाव प्रचार अपने चरम पर होगा। इस बार बीजेपी करीब 294 सीटों पर लड़ेगी।
ऐसा माना जा रहा है कि इस चुनाव के प्रचार की कमान राजनाथ सिंह, अरुण जेटली, नितिन गडकरी, सुषमा स्वराज और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के हाथ होगी। लेकिन पर्दे के पीछे मोदी की ही मुख्य भूमिका होगी।
इस रणनीति पर बीजेपी लड़ेगी चुनाव
वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी के प्रदर्शन में बेहतरी ने बीजेपी का हौसला बढ़ाया है। ये 6 फीसद से बढ़कर 17 फीसद देखा गया था। बीजेपी इस प्रदर्शन को देखते हुए आगे भी अच्छा होने की उम्मीद बांधे हुए है।
जिन चार रणनीति पर बीजेपी सत्ताधारी तृणमूल को पटखनी देने का मन बना रही है उनमें शारदा समेत अन्य कंपनियों द्वारा किए गए घोटाले। प्रदेश में बिगड़ती कानून-व्यवस्था। महिलाओं की सुरक्षा और प्रदेश के विकास का मुद्दा अहम रहेगा।
साथ ही बीजेपी उम्मीद कर रही है कि सीबीआई प्रदेश में चिट फंड घोटाले के अंतर्गत गिरफ्तारियां करेगी जिससे उसे टीएमसी के खिलाफ चुनाव लड़ने में फायदा होगा।