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हिंदुत्व कार्ड पार लगाएगा यूपी में भाजपा की नैया
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Wed, 18 Sep 2013 08:52 AM IST
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भाजपा उत्तर प्रदेश में अपने ज्यादातर उम्मीदवारों की घोषणा न केवल अक्तूबर के अंत तक कर देगी, बल्कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मुखर हिंदुत्व अभियान भी छेड़ेगी।
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राजनीतिक रूप से सर्वाधिक महत्वपूर्ण इस राज्य में पार्टी को सालों बाद फिर से हिंदुत्व कार्ड के जोरशोर से चलने की उम्मीद है। इसलिए पार्टी ने राज्य के हिंदुत्व के फायरब्रांड नेताओं को चुनाव प्रचार में झोंकने की रणनीति बनाई है।
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भाजपा की उत्तर प्रदेश के कोर ग्रुप की लगभग पांच घंटे चली मैराथन बैठक में राज्य के प्रभारी अमित शाह ने चुनावी तैयारियों और रणनीतियों की रूपरेखा रखी, जिस पर गहन मंथन हुआ।
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बैठक में शाह सहित राज्य के सभी नेताओं का मानना था कि हिंदुत्व के साथ जातिगत समीकरणों का ध्यान रखकर की गई चुनावी तैयारियों से पार्टी अपना पुराना रुतबा हासिल कर सकती है।
इस दौरान बीते कुछ महीनों में मुजफ्फरनगर सहित राज्य के कई इलाकों में हुए सांप्रदायिक दंगों पर भी गंभीर चर्चा हुई।
इस मैराथन बैठक में राज्य की सभी 80 लोकसभा सीटों पर एक-एक कर विस्तार से चर्चा हुई।
राज्य के प्रभारी अमित शाह ने प्रदेश की एक-एक संसदीय सीट के समीकरण और ताजा स्थिति की जानकारी पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह को दी।
बैठक में उपस्थित राज्य के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि फिलहाल अक्तूबर के अंत तक ज्यादातर उम्मीदवारों के नाम घोषित कर चुनावी तैयारी शुरू कर देने की रणनीति बनी है।
गुजरात और यूपी दोनों जगह से लड़ सकते हैं मोदी
पार्टी सूत्रों का कहना है कि पार्टी का एक खेमा उत्तर प्रदेश में पुराना रुतबा हासिल करने के लिए इस राज्य से भी मोदी को चुनाव लड़ाना चाहता है।
हालांकि दूसरा खेमा उन्हें गुजरात और उत्तर प्रदेश दोनों राज्यों से चुनाव लड़ाना चाहता है। जिस प्रकार मोदी ने नवरात्र के बाद यूपी में अलग-अलग आठ रैलियों के बाद लखनऊ में महारैली करने की योजना बनाई है, उससे उनके उत्तर प्रदेश से भी चुनाव लड़ने की अटकलों को बल मिला है।