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BJP को नहीं रहा नरेंद्र मोदी पर भरोसा

Sun, 22 Nov 2015 03:49 PM IST
Updated Sun, 22 Nov 2015 03:49 PM IST
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BJP will give responsibilities to their local workers

बिहार की हार से सबक लेते हुए भाजपा ने अपनी चुनावी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बजाय राज्य के चेहरों को आगे कर पार्टी विधानसभा का चुनाव लड़ेगी। पीएम मोदी बतौर स्टार प्रचारक रहेंगे। लेकिन स्थानीय चेहरा पर भी पार्टी का फोकस रहेगा।

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इस प्रयास के तहत भाजपा आलाकमान ने असम विधानसभा चुनाव के लिए केंद्रीय खेल राज्य मंत्री सर्वानंद सोनवाल को चेहरा बनाया है। प्रदेश अध्यक्ष पद की कमान देने के साथ ही उन्हें चुनाव प्रबंधन समिति का चेयरमैन भी बनाया गया है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पीएम उम्मीदवार बनाने से पहले भाजपा ने उन्हें राष्ट्रीय चुनाव प्रबंधन समिति का अध्यक्ष बनाया था। ठीक उसी तरह सोनवाल को भी असम चुनाव प्रबंधन समिति का अध्यक्ष बनाकर चुनाव के लिए उनका चेहरा आगे किया गया है।
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दरअसल सूबे के विधानसभा चुनाव 2016 के मार्च-अप्रैल में होने वाले हैं। लेकिन बिहार में मात खाने के बाद पार्टी ने अभी से ही सोनवाल के रूप में अपना चेहरा आगे कर दिया है।

बिहार हार से ली सबक

BJP will give responsibilities to their local workers

असम भाजपा अध्यक्ष पद पर सोनवाल के नाम का ऐलान करते हुए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने वर्तमान अध्यक्ष सिद्धार्थ भट्टाचार्य को पूर्वोत्तर मामलों के लिए राष्ट्रीय प्रवक्ता नियुक्त किया है।

साथ ही सोनवाल को चुनाव प्रबंधन समिति की कमान सौंपते हुए रमन डेका, राजन गोहाईं और सिद्धार्थ भट्टाचार्य को इसका उपाध्यक्ष बनाया गया है। तो कांग्रेस का दामन छोड़कर भाजपा में आए हेमंत विश्वशर्मा को चुनाव प्रबंधन समिति का संयोजक बनाया है। वहीं सांसद विजया चक्रवर्ती, कामाख्या ताशा, राजदीप राय, विजय गुप्ता और मौ. अवल को समिति का सदस्य बनाया गया है।

बताया जा रहा है कि बिहार में हार के बाद भाजपा को असम से काफी उम्मीदें हैं। मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के सत्ता विरोधी रूझान के सहारे पार्टी पूर्वोत्तर भारत के किसी राज्य में अपने बलबूते सरकार बनाने का सपना बुन रही है। भाजपा आलाकमान को उम्मीद है कि असम की जीत के बाद दोबारा से उसके कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ेगा। यही वजह है कि पार्टी रणनीतिकार सधे रूप से असम चुनाव की तैयारी में जुट गए हैं।

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