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क्यों ज्योतिष व मुहूर्त पर ध्यान दे रही है भाजपा?

Thu, 09 Jan 2014 12:01 AM IST
हरीश लखेड़ा/अमर उजाला, नई दिल्ली
हरीश लखेड़ा/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 09 Jan 2014 12:01 AM IST
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bjp war room wait jyotish

लोकसभा चुनाव की सियासी जंग की तैयारी में जुटी भाजपा को सूर्य के उत्तरायण होने का इंतजार है।

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खरमास खत्म होने व उत्तरायण के बाद पार्टी का चुनावी ‘वॉर रूम’ फिर से सक्रिय तौर पर काम करने लगेगा। आम आदमी पार्टी की चुनौती को देख भाजपा लोकसभा चुनाव के लिए जल्दी से जल्दी वॉर रूम को सक्रिय कर देना चाहती है।

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सोशल मीडिया पर सियासी जंग जीतने के लिए पार्टी पहले ही सक्रिय हो चुकी है। पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने ‘वॉर रूम’ से चुनावी जंग की कमान संभाली और उत्साहजनक नतीजे भी मिले।
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इसलिए अब दिल्ली तख्त के चुनावी महाभारत में कूदने के लिए भी ज्योतिष और मुहूर्त का विशेष खयाल रखा जा रहा है। अगले सप्ताह मकर संक्रांति से सूर्य उत्तरायण हो जाएंगे।

इसके बाद भाजपा पार्टी मुख्यालय में बने इस वॉर रूम का विधिवत उद्घाटन करेगी। वॉर रूम के इंचार्ज व पार्टी उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी के अनुसार वॉर रूम से सभी संसदीय क्षेत्रों पर नजर रखी जाएगी। सभी संसदीय क्षेत्र इससे जुड़े रहेंगे।

विधानसभा चुनाव की तरह 24 घंटे काम करने वाला यह वॉर रूम राज्यों में बनने वाले वॉर रूम से भी जुड़ा रहेगा। वार रूम के पास लोकसभा की सभी 543 संसदीय सीटों को लेकर पूरी जानकारी व मतदाताओं से संबंधित आर्थिक, सामाजिक आंकड़े मौजूद रहेंगे।


चूंकि अब आम आदमी पार्टी भी चुनावी जंग में कूदने का ऐलान कर चुकी है, इसलिए शहरी मतदाताओं को अपने पाले में बनाए रखने के लिए भाजपा अभी से तैयारी में जुट गई है।

यह वार रूम पार्टी के पीएम उम्मीदवार नरेंद्र मोदी और अध्यक्ष राजनाथ सिंह के सीधे नियंत्रण में रहेगा। चुनाव प्रबंधन के लगभग सभी काम यहीं से होंगे।

भाजपा का 2009 का वॉररूम अनंत कुमार तथा 2004 के चुनाव का वॉर रूम प्रमोद महाजन के सरकारी आवास पर बनाया गया था। भाजपा ये दोनों ही चुनाव हार गई।

जबकि इससे पहले 1998 और 1999 के वार रूम भाजपा मुख्यालय में बनाए गए और भाजपा दोनों ही चुनाव जीत गई। इस मिथ को ध्यान में रखकर ही भाजपा ने विधानसभा तथा लोकसभा के लिए वॉर रूम पार्टी मुख्यालय में बनाया है।

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