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राष्ट्रपति के दरबार पहुंची भाजपा, रखी ये मांग
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Sat, 31 Aug 2013 12:07 AM IST
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भाजपा चाहती है कि लोकसभा चुनाव जल्दी हों। इसके लिए पार्टी का शीर्ष नेतृत्व शुक्रवार को राष्ट्रपति के दरबार जा पहुंचा।
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राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मुलाकात कर भाजपा नेताओं ने आग्रह किया कि वे केंद्र सरकार को जल्दी आम चुनाव कराने का सुझाव दें। भाजपा ने कहा कि आर्थिक संकट की स्थिति में देश में चुनाव ही एकमात्र विकल्प है।
भाजपा का दावा है कि राष्ट्रपति ने उसकी बात को गंभीरता से सुना। पार्टी ने राष्ट्रपति अनुरोध किया कि पांच राज्यों की विधानसभाओं के साथ ही लोकसभा चुनाव कराएं जाएं।
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इस मुलाकात के बाद राज्यसभा में भाजपा संसदीय दल के उपनेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि देश की बदहाल अर्थव्यवस्था को नई सरकार ही पटरी पर ला सकती है।
उन्होंने उदाहरण देकर कहा कि जिस तरह 1991 के आर्थिक संकट के बाद प्रधानमंत्री बने प्रधानमंत्री पीवी नरसिंह राव और फिर 1996 के संकट के बाद अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने देश में उत्साह का माहौल बनाया था, उसी तरह अब नई सरकार ही लोगों को निराशा के भंवर से बाहर निकाल सकती है।
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उन्होंने कहा कि वैसे भी लोकसभा चुनाव के लिए अब बहुत कम समय बचा है, इसलिए इसे भी विधानसभा चुनाव के साथ किया जाना चाहिए। प्रसाद के अनुसार राष्ट्रपति ने पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी की बात को गंभीरता से सुना।
आडवाणी ने उनसे कहा कि आर्थिक संकट से निबटने में सरकार की अक्षमता की वजह से देश में अनिश्चितता का माहौल है और लोगों में निराशा व्याप्त है।
दरअसल, मौजूदा आर्थिक संकट से पहले तक भाजपा मानती रही है कि कांग्रेस तय समय से पहले लोकसभा चुनाव करा लेगी, लेकिन रुपए की लगातार घटती कीमत और बदहाल अर्थव्यवस्था के चलते भाजपा का मानना है कि अब कांग्रेस लोकसभा चुनाव तय समय पर ही कराएगी। इसलिए पार्टी ने राष्ट्रपति के दरबार में दस्तक देकर माहौल बनाने की कोशिश की है।
इस प्रतिनिधिमंडल में पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह, लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज और राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली, वेंकैया नायडू, जसवंत सिंह, यशवंत सिन्हा, अनंत कुमार और रविशंकर प्रसाद शामिल थे।