बीजेपी का प्लान: लोकसभा में बांटो, राज्यसभा में राज करो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लोकसभा चुनाव में भले ही बीजेपी को ऐतिहासिक सफलता हासिल हुई हो लेकिन राज्यसभा में कम संख्या बल उसके लिए कामकाज में परेशानी का सबब बन सकता है। इस परेशानी से बचने के लिए नरेंद्र मोदी और उनकी पार्टी ने एक खास प्लान बनाया है।
भाजपा अपनी नई योजना के मुताबिक विपक्षी दलों को बांटने का प्रयास करेगी। इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक भाजपा विपक्षी दलों में कई महत्वपूर्ण पद बांटकर इसका राज्यसभा में लाभ उठाना चाहती है।
अलग-अलग पार्टियों को दिए जा सकते हैं पद
भाजपा लोकसभा में उपसभापति, पीएसी चेयरमैन और स्टैंडिग कमेटी के चेयरमैन जैसे पद अलग-अलग विपक्षी दलों के नेताओं को दे सकती है। भाजपा की योजना के मुताबिक वे ऐसे कई महत्वपूर्ण पद मुख्य विपक्षी दल जैसे कांग्रेस, एआईएडीएमके, टीएमसी और बीजेडी को देगी।
भाजपा के सूत्रों ने बताया कि ये सभी पद एक ही पार्टी को न देकर अलग-अलग विपक्षी दलों को दिए जाएंगे। पार्टी सूत्रों के मुताबिक ऐसे करना से उन्हें खास मौके पर विपक्षियों का सहयोग मिलने की उम्मीद है। जो यूपीए सरकार के शासन काल में नहीं हो पाया था और वह राज्यसभा में कमजोर थे।
खबर के मुताबिक खुद कांग्रेस भी कुछ पदों के लिए भाजपा से तोल-मोल के लिए तैयार है।
यूपीए सरकार को डाला था मुश्किल में
पिछली लोकसभा में भाजपा के करिया मुंडा लोकसभा में उपसभापति, मुरली मनोहर जोशी पीएसी के चेयरमैन और यशवंत सिन्हा फाइनेंस स्टैंडिंग कमेटी के चेयरमैन थे। हालांकि इन सभी पदों में लोकसभा में उपसभापति का पद दलगत राजनीति
से परे होता है।
जबकि मुरली मनोहर जोशी, यशवंत सिन्हा ने टूजी मामले और आधार कार्ड के मुद्दे पर कांग्रेस को असहज स्थिति में डाला था। इसलिए भाजपा की योजना अलग अलग दलों में इन पदों को बांटने की है।