'अखिलेश जी अपराधियों पर कार्रवाई करें या सिंहासन छोड़ें'
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उत्तर प्रदेश में घट रही ताबड़तोड़ आपराधिक घटनाओं पर भाजपा ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। शामली में जीत का जश्न मनाने के दौरान गोलीबारी में 8 वर्षीय बच्चे की मौत सहित कई अन्य मामलों का हवाला देते हुए पार्टी ने कहा कि राज्य सरकार ने सपा के गुंडों को मनमानी करने का लाइसेंस दे दिया है।
पार्टी ने मुजफ्फरनगर में महिला के साथ दुष्कर्म कर एमएमएस बनाने, शामली कांड की रिपोर्टिंग करने गए पत्रकारों को बंधक बनाने जैसी घटनाओं का जिक्र करते हुए अखिलेश सरकार की तुलना मुगल सल्तनत से की। पार्टी ने इस दौरान मुख्यमंत्री को इन घटनाओं की सीबीआई से जांच कराने की चुनौती भी दी। पार्टी के राष्ट्रीय सचिव श्रीकांत शर्मा ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि जीत के जश्न में डूबी सपा के गुंडों ने एक 8 वर्षीय मासूम की हत्या कर दी।
सरेआम हुई इस हत्या के बाद भी थाने में एफआईआर दर्ज करने में आनाकानी की गई। पीड़ित शमी के माता पिता ने साफ तौर पर कहा है कि उसे राज्य सरकार की जांच पर भरोसा नहीं है। सपा के गुंडों ने इस मामले को कवर करने गए पत्रकारों को भी बंधक बनाया। इसमें एक महिला पत्रकार भी शामिल थी। शर्मा ने कहा कि बीते 4 साल के कुशासन से राज्य को बर्बाद कर चुकी अखिलेश सरकार ने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को लोगों को लूटने खसोटने, बलात्कार करने और यहां तक कि हत्या करने का लाइसेंस दे दिया है।
'प्रशासन पर सपा के गुंडों का कब्जा'
शर्मा ने कहा कि इससे पहले राज्य सरकार के एक मंत्री ने एक पत्रकार गजेंद्र को जला कर मार डाला। इस मामले में लीपापोती की गई। राज्य के प्रशासन को सपा के गुंडों ने अपने नियंत्रण में ले लिया है।
शर्मा ने राज्य के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को इन सभी मामलों में सीबीआई जांच की सिफारिश करने की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री में थोड़ी से भी नैतिकता बची है तो वह इसके लिए हां कहने की हिम्मत जुटाएं। अगर मुख्यमंत्री ऐसा नहीं करते तो इसका साफ संदेश जाएगा कि राज्य सरकार ने ही अपने गुंडों को गुंडागर्दी का लाइसेंस दे दिया है।
शर्मा ने कहा कि बीते 4 साल के कार्यकाल के दौरान सभी मोर्चे पर बुरी तरह विफल रही राज्य सरकार ने अब लोगों का ध्यान बांटने के लिए अपने मंत्रियों को अनर्गल बयान देने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान दौरे के क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अंडरवर्ल्ड सरगना दाउद इब्राहिम से मुलाकात का शर्मनाक आरोप लगाने वाले मंत्री आजम खां को मुख्यमंत्री सबूत पेश करने के लिए क्यों नहीं कहते? जबकि खुद आजम ने मुलाकात का सबूत होने का दावा किया था।