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नेहरू बनाम पटेल विवाद को तूल देने में जुटी भाजपा

Thu, 31 Oct 2013 01:24 AM IST
हरीश लखेड़ा/दिल्ली
हरीश लखेड़ा/दिल्ली Updated Thu, 31 Oct 2013 01:24 AM IST
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bjp want to make a issue to nehru vs patel dispute

लोकसभा की चुनावी जंग के लिए मैदान में उतर चुकी भाजपा एक सोची समझी रणनीति के तहत पं. जवाहर लाल नेहरू और सरदार बल्लभ भाई पटेल को लेकर इतिहास के पन्ने पलटने में जुटी है।

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भाजपा की कोशिश है कि नेहरू बनाम पटेल विवाद को इस कदर तूल दे दिया जाए कि लोग भी मानने लगें कि पटेल के साथ कांग्रेस ने अन्याय किया। इसलिए गुजरात में नर्मदा के बीचोंबीच सरदार पटेल की विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा स्थापित करने का अभियान शुरू करने जा रहे नरेंद्र मोदी बृहस्पतिवार को भी इस विवाद को तूल देते नजर आएंगे।
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मोदी बृहस्पतिवार को इस ‘स्टेच्यू ऑफ यूनिटी’ यानी एकता की प्रतिमा परियोजना का शिलान्यास करेंगे। इसके साथ ही भाजपा भी देशभर के सभी छह लाख गांवों के किसानों से खेतों में इस्तेमाल किया लोहा एकत्रित करने में जुट जाएगी।
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प्रतिमा स्थापित कर मोदी यह संदेश देना चाहते हैं कि पटेल को कांग्रेस ने तो भुला दिया, जबकि भाजपा ने याद रखा है। मोदी यह कहकर पहले ही नेहरू बनाम पटेल विवाद शुरू कर चुके हैं कि पटेल के अंतिम संस्कार में नेहरू शामिल नहीं हुए थे।

हालांकि बाद में मोदी ने सफाई भी दी, लेकिन भाजपा इस विवाद को तूल देने में जुटी है। राज्यसभा में भाजपा के उपनेता रविशंकर प्रसाद ने मोदी की बात दोहराते हुए बुधवार को यह भी जोड़ दिया कि नेहरू तो प्रथम राष्ट्रपति बाबू राजेंद्र प्रसाद के अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हुए थे।

उन्होंने अपने इस दावे को पुख्ता बनाने के लिए कहा कि यह बात उन्हें बाबू जी के 17 साल तक सचिव रहे श्रीबाबू ने बताई थी। बहरहाल, यह साफ हो गया है कि भाजपा अब सरदार पटेल की विरासत पर दावा करने लगी है। इसी रणनीति के तहत पटेल की लौह प्रतिमा स्थापित करने की योजना लाई गई।

'पटेल को भारत रत्न देने में लग गए चार दशक'
पार्टी नेता मुख्तार अब्बास नकवी कहते हैं कि आम लोगों में यह धारणा है कि देश को एकजुट करने में पटेल का योगदान नहीं भूला जा सकता है, लेकिन देश के ज्यादातर संस्थान व योजनाएं एक ही परिवार के नाम हैं। पटेल को भारत रत्न देने में भी लगभग चार दशक लग गए। वह भी तब मिला जब पीवी नरसिंहराव प्रधानमंत्री बने। भाजपा नेहरू-गांधी परिवार को प्रथम परिवार व राहुल को शहजादा कह कर संबोधित कर रही है। अब राहुल, राजीव, इंदिरा से लेकर नेहरू तक को निशाने पर लेने लगी है।

सरदार पटेल की प्रतिमा यानी स्टेच्यू ऑफ यूनिटी
नरेंद्र मोदी ने भाजपा के गोवा सम्मेलन में सरदार पटेल की लौह प्रतिमा स्थापित करने की योजना का ऐलान किया था। इस योजना के तहत नर्मदा के बीचोबीच सरदार पटेल की 182 मीटर ऊंची लौह प्रतिमा स्थापित की जाएगी।

बृहस्पतिवार को पटेल का 138वां जन्मदिन है। इसके लिए देश के सभी छह लाख गांवों के किसानों से वह लोहा एकत्रित किया जाएगा जो खेती के काम में इस्तेमाल हो चुका हो।


यह प्रतिमा विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा होगी। यह अमेरिका स्थित 93 मीटर ऊंची स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी से लगभग दो गुनी ऊंची होगी। इस योजना पर 2,063 करोड़ रुपये की लागत आएगी। प्रतिमा योजना पर अगले 42 माह के भीतर अमल हो जाने का अनुमान है।

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