झारखंड में संतुलन साधने की कोशिश में भाजपा
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झारखंड में गैर आदिवासी रघुवर दास को सरकार की कमान देने के फैसले के बाद भाजपा आदिवासी वर्ग की नाराजगी थामने में जुटेगी।
इस कड़ी में जहां रघुवर सरकार में उपमुख्यमंत्री का पद किसी आदिवासी को दिया जाएगा, वहीं राज्य के कद्दावर आदिवासी नेता अर्जुन मुंडा को केंद्रीय संगठन में उपाध्यक्ष बनाया जाएगा।
फिलहाल उपमुख्यमंत्री पद के लिए नीलकंठ मुंडा और शिवशंकर उरांव के नाम की चर्चा है। सूत्रों की मानें तो इस नाराजगी को पूरी तरह से दूर करने के लिए पार्टी नेतृत्व देर-सबेर छत्तीसगढ़ में नेतृत्व परिवर्तन की स्थिति में आदिवासी चेहरे को तरजीह दे सकती है।
झारखंड गठन के बाद यह पहला अवसर होगा जब राज्य के मुख्यमंत्री पद पर कोई गैर आदिवासी बैठेगा। चूंकि बीते लोकसभा चुनाव में भाजपा को आदिवासी वर्ग का जबरदस्त समर्थन हासिल हुआ था इसलिए पार्टी अपने इस फैसले के बाद इस वर्ग में नाराजगी नहीं फैलने देना चाहती।
अर्जुन मुंडा को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाने की तैयारी
झारखंड में गैर आदिवासी सीएम बनाने की योजना भाजपा ने लोकसभा चुनाव के बाद ही तय कर लिया था।
पार्टी सूत्रों ने बताया कि आदिवासियों की नाराजगी को थामने के लिए न केवल नीलकंठ या शिवशंकर में से किसी को उपमुख्यमंत्री बनाया जाएगा, बल्कि भावी सरकार में आदिवासी चेहरों को खास प्राथमिकता दी जाएगी।
इसी कड़ी में नेतृत्व ने चुनाव हार चुके राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाने का फैसला किया है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि पार्टी नेतृत्व राजस्थान, मध्यप्रदेश के साथ-साथ छत्तीसगढ़ में भी नेतृत्व परिवर्तन का इच्छुक है।
अगर नेतृत्व को लगा कि उपमुख्यमंत्री बनाने और अन्य कदमों से भी आदिवासी वर्ग संतुष्ट नहीं हुआ है तो छत्तीसगढ़ में नेतृत्व परिवर्तन की स्थिति में इसी वर्ग के किसी नेता को सरकार की कमान दी जा सकती है।