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जानिए क्या है बीजेपी का मिशन यूपी?

Sat, 15 Nov 2014 02:07 PM IST
एम संजय/नई दिल्ली
एम संजय/नई दिल्ली Updated Sat, 15 Nov 2014 02:07 PM IST
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bjp top brass trust on yogi adityanath

उत्तरप्रदेश के विधानसभा उपचुनाव में लव जेहाद के नायक का जादू बेअसर रहने के बाद भी भाजपा आलाकमान का विश्वास गोरखपुर से सांसद योगी आदित्यनाथ में कायम है। यूपी के मिशन 2017 की फतह के लिए आलाकमान योगी के चेहरे को काफी अहम मानकार चल रहा है। इसीलिए भाजपा के मिशन 2017 की रणनीति में योगी अहम होंगे।

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योगी के नेतृत्व और लव-जेहाद नारे के सहारे भाजपा को बेशक बीते महीने सूबे के विधानसभा उपचुनावों में विफलता झेलनी पडी। लेकिन भाजपा के वरिष्ठ नेता गोरखपुर के फायर ब्रांड नेता आदित्यनाथ में अब भी दम नजर आता है। इस रणनीति के तहत पार्टी की कोशिश आने वाले दिनों योगी के चेहरे को यूपी भाजपा का चेहरा बनाए रखने की है।
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वहीं लव-जेहाद सरीखे मुद्दे न उठाने की मनाही का फरमान संघ की ओर से राज्य भाजपा नेताओं को पहले ही सुना दिया गया है। संघ ने यूपी भाजपा के नेताओं से कहा है कि वे पुराने व आजमायें मुद्दों को ही जनता के बीच उठाएं। लव-जेहाद सरीखे विवादित मुद्दों को उठाने का जिम्मा संघ की ओर से बजरंग दल सरीखे उत्साही संगठनों के हाथ सौंप दिया गया है।
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उपचुनावों में भाजपा के पक्ष में संतोषजनक परिणाम न रहने को आलाकमान ने अखिलेश सरकार की चुनाव में दबंगई और बसपा के मैदान में न होने को प्रमुख कारण माना है।

दूसरी ओर सूबे में नया भाजपा प्रभारी आने के साथ वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी को अगले दो-तीन महीनों के लिए अध्यक्ष पद का अभयदान मिल गया है। भाजपा आलाकमान अगले दो महीनों तक यूपी भाजपा के प्रदेश संगठन में छेडछाड के पक्ष में नहीं है। बताया जा रहा है कि ओम माथुर को प्रभारी बनाने से पहले भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने उनके साथ मिशन 2017 की रणनीतिक मंत्रणा के दौरान यूपी भाजपा को खुले हाथ बदलने का प्रस्ताव दिया था, जिसे माथुर ने उस वक्त ही खारिज कर दिया था।

माथुर की दलील थी कि यह कदम उन्हें सूबे का प्रभारी बनने से पहले उठाया जाना चाहिए था। इसलिए वर्तमान प्रदेश भाजपा अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी की अध्यक्ष पद की कुर्सी अगले दो महीने तक सुरक्षित है। हालांकि पार्टी के सदस्यता अभियान की समाप्ती के बाद होने वाले संगठन चुनावों के जरिए उनकी पद से छुट्टी तय है। बावजूद उसके आलाकमान को वाजपेयी की सक्रियता और निष्ठा को लेकर कोई संशय नहीं है।


आलाकमान के सामने उनको लेकर परेशानी महज इस बात की है कि वे राजनीतिक चेहरा नहीं बन पाए हैं। दो दिनों के यूपी दौरे से लौटे प्रदेश प्रभारी ओम माथुर संगठन कार्यकर्ताओं से मिले फीडबैक को आलाकमान से साझा कर आगे की रणनीति को अंजाम देंगे। परंतु माना जा रहा है कि उनकी रणनीति में गोरखपुर के सांसद आदित्य नाथ एक अहम हिस्सा रहेंगे।

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