फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   BJP targates nitish and lalu for terrorism in advertisement

बीजेपी का विज्ञापन: आतंक पर सवाल या ध्रुवीकरण की कोशिश?

Fri, 30 Oct 2015 09:22 AM IST
Updated Fri, 30 Oct 2015 09:22 AM IST
विज्ञापन
BJP targates nitish and lalu for terrorism in advertisement

भारतीय जनता पार्टी ने बिहार में नीतीश कुमार की सरकार को आतंकवादी संगठनों की गतिविधियों से जोड़ते हुए पूछा है कि क्या इन संगठनों के जरिए उन्हें वोट मिलते हैं? भाजपा ने यही सवाल राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव से भी पूछा है।

विज्ञापन


इस विज्ञापन से प्रतीत होता है कि भाजपा महागठबंधन को मुस्लिम मतदाताओं से मिलने वाले समर्थन पर सवाल उठा रही है।

गुरुवार को बिहार के समाचार पत्रों में दिए विज्ञापन में भाजपा ने सूबे में बीते सालों में हुई आतंकियों की गिरफ्तारियों का विस्तार से उल्लेख किया है और महागठबंधन के दोनों नेताओं से तंज भरे लहजे में पूछा है, ''क्यों आतंकवादियों पर आपकी ऐसी नजरे इनायत रहती है कि देश भर के आतंकी गुट बिहार में ही अपनी पनाहगाह बना लेते हैं। क्यों इंडियन मुजाहिदीन, सिमी और जैश-ए-मोहम्मद, हिज्बुल मुजाहिदीन आपके शासन को मुफीद मानते हैं?"
विज्ञापन


उल्लेखनीय है कि बिहार में तीन चरणों का चुनाव हो चुका है, दो चरणों का बाकी है। 243 सदस्यीय विधानसभा में जिन 112 सीटों पर मतदान होना शेष है, उनमें से अधिकांश मुस्लिम बहुल हैं। यही कारण है कि विज्ञापन की भाषा और समय पर सवाल भी उठ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


विज्ञापन में नीतीश सरकार पर इंडियन मुजाहिदीन के आतंकी तहसीन अख्तर, यासीन भटकल और लश्कर-ए-तैयबा के ओमर मदनी की गिरफ्तारी मामले में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया गया है।

बीजेपी की मतों के ध्रुवीकरण की एक और कोशिश?

BJP targates nitish and lalu for terrorism in advertisement

विज्ञापन में नेपाल बॉर्डर से रहे असलहों और जाली नोटों को लेकर पर भी नीतीश सरकार से सवाल किया गया है। पूछा गया है कि नेपाल बॉर्डर से लगातार बिहार लाया जा रहा आईएसआई का असलहा और जाली नोटों क्यों आपकी उदासीनता से बरोकटोक आ रहा है?

भाजपा के विज्ञापन में परोक्ष रूप से जदयू और राजद पर आतंकवाद के मसले पर भी वोटबैंक कर राजनीति करने का आरोप लगाया गया है। विज्ञापन में न‌ीतीश कुमार और लालू प्रसाद यादव से पूछा गया है कि क्या देश के खिलाफ सिर उठाता हर आतंकी आपके लिए केवल वोट बटोरने का माध्यम है?

भाजपा के विज्ञापन को मुस्लिमों से जोड़कर देखा जा रहा है, और मतों के ध्रुवीकरण की एक और कोशिश माना जा रहा है। गुरुवार को सुपौल में एक रैली में भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा है कि बिहार में महागठबंधन की सरकार बनी तो पाकिस्तान में पटाखे छूटेंगे। उन्होंने कहा‌ कि भाजपा चुनावों में हारी तो जेल में बंद शहाबुद्दीन खुश होगा।

शाह के बयान को धर्म विशेष से जोड़कर देखा जा रहा है। उल्लेखनीय है ‌कि सोमवार को‌ बक्सर में हुई एक रैली प्रधानमंत्री मोदी भी धार्मिक आधार पर आरक्षण द‌िए जाने का विरोध कर चुके हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed