गाली देने वाले बीजेपी विधायक निलंबित
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राजस्थान में कोटा सीएमएचओ के साथ अभद्र व्यवहार करने पर शुक्रवार को भाजपा विधायक प्रहलाद गुंजल को पार्टी से निलंबित कर कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है। बीते दिन गुंजल का सीएमएचओ को मारने पीटने की धमकी देने और गाली-गलौच वाला एक ऑडियो वायरल हुआ था। गौरतलब है कि गुंजल गबन के आरोपी मेल नर्स विनोद मौर्य को प्रतिनियुक्ति पर उसकी मनपसंद जगह लगवाना चाहते थे।
करीब साढ़े छह मिनट के ऑडियो में गुंजल ने उनकी सिफारिश को हल्के में लेने को लेकर सीएमएचओ डॉ. आर.एन. यादव को लगातार धमकाया और गालियां भी दीं। भाजपा के केन्द्रीय नेतृत्व ने मामले को गम्भीर मानते हुए प्रदेश भाजपा से जवाब मांगा है। पिछले कई दिनों से भाजपा अपने नेताओं की ओर से की जा रही बेलगाम बयानबाजियों परेशान थी। ऐसे में गुंजल के खिलाफ कार्रवाई कर पार्टी ने संकेत दिए हैं कि ऐसे बयान व व्यवहार बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।
गुंजल मामला प्रदेश में ही नहीं राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चित हो गया है और सभी विधायक के व्यवहार की आलोचना कर रहे हैं। कई संगठनों ने गुंजल की विधानसभा सदस्यता समाप्त करने की मांग की है। राजस्थान के गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने कहा है कि गुंजल के खिलाफ जांच सीआईडी-सीबी करेगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
गुंजल ने अपने किए पर खेद प्रकट किया
कटारिया ने कहा कि घटना शर्मनाक है और किसी भी जन प्रतिनिधि से इस तरह का आचरण व व्यवहार की अपेक्षा नहीं की जा सकती। गुंजल ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी को गुरुवार रात पत्र भेजकर खेद प्रकट कर दिया था। परनामी ने कहा है कि गुंजल ने पार्टी के समक्ष अपना पक्ष रखा है, जिसमें उन्होंने अपनी गलती स्वीकार कर ली है और इसके बाद ही केन्द्रीय नेतृत्व ने उनके खिलाफ कार्रवाई की है।
इस पत्र में अपनी गलती स्वीकारते हुए गुंजल ने कहा है कि भावावेश में कुछ गलत शब्दों का प्रयोग हो गया, जो नहीं होना चाहिए था। ऐसा ही पत्र गुंजल ने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को भी भेजा है। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के पिछले कार्यकाल (वर्ष 2003-2008) के दौरान भी प्रहलाद गुंजल भाजपा से निलंबित हो चुके हैं। उस दौरान वे भाजपा सरकार के खिलाफ हो रहे गुर्जर आंदोलन में सक्रिय हो गए थे। वे अपने भाषणों में राजे के खिलाफ भी लगातार बोलते रहे थे।