{"_id":"d85fd30b46b27a3fff65420527e4c8a0","slug":"bjp-supports-supreme-court-order-on-homosexuality","type":"story","status":"publish","title_hn":"गे सेक्सः BJP के रुख्ा साफ न करने पर सवाल","category":{"title":"India News Archives","title_hn":"इंडिया न्यूज़ आर्काइव","slug":"india-news-archives"}}
गे सेक्सः BJP के रुख्ा साफ न करने पर सवाल
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Fri, 13 Dec 2013 03:47 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
समलैंगिक संबंधों को अपराध बताने वाले सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर जहां राहुल और सोनिया गांधी ने निराशा जताई है। वहीं भाजपा ने अब तक आधिकारिक रूप से अपना मत साफ नहीं किया है।
विज्ञापन
हालांकि भाजपा नेता मीनाक्षी लेखी ने कहा कि हम समलैंगिकता पर दिए सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते है। मीनाक्षी ने भी कहा महिलाओं की तरह पुरुषों की सुरक्षा के लिए कानून की आवश्यकता है।
विज्ञापन
इससे पहले भाजपा इस पूरे मामले में अपना रूख साफ करने से बच रही थी। वहीं लोकसभा में विपक्षी की नेता सुषमा स्वराज ने कांग्रेस के जवाब पर भी सवाल उठाए थे।
विज्ञापन
भाजपा ने लेखी के रूख से खुद को अलग किया
मीनाक्षी लेखी के इस बयान के बाद भाजपा ने उनके बयान से दूरी बना ली है।
पढ़ें: गे सेक्स पर सोनिया के बाद राहुल ने भी तोड़ी चुप्पी
भाजपा का कहना है कि इस मसले पर वह उनका व्यक्तिगत फैसला हो सकता है। भाजपा का मानना है कि लेखी एक वकील हैं और उनके अपने व्यक्तिगत विचार हो सकते हैं।
भाजपा सूत्रों के मुताबिक लेखी का बयान इस मामले में थोड़ी जल्दीबाजी हैश् जबकि पार्टी ने अपना रूख साफ नहीं किया है।
पढ़ें: 'राहुल को समलैंगिक संबंधों की इजाजत देंगी सोनिया?'
नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर भी सवाल
भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने भी इस पूरे मुद्दे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। जबकि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से लेकर सोनिया गांधी तक सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर अपनी व्यक्तिगत राय दे चुके हैं।
नरेंद्र मोदी की इसी चुप्पी पर कांग्रेस प्रवक्ता संजय झा ने भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि मोदी को इस पूरे मसले पर अपनी राय रखनी चाहिए।
भाजपा ने अभी तक साफ नहीं किया रुख्ा
सोनिया और राहुल गांधी सहित पूरी कांग्रेस ने जहां सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर निराशा जताई थी। तो वहीं भाजपा अपना इस मसले पर अपना रूख सामने रखने से बच रही है।
जबकि हिंदूवादी दल जैसे विहिप और योगगुरु रामदेव ने भी सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का स्वागत किया है।