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नकवी की सभा में हिन्दुओं को टोपी!

Tue, 08 Apr 2014 09:19 PM IST
Updated Tue, 08 Apr 2014 09:19 PM IST
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Bjp supporters wear skull cap in mukhtar abbas naqvi's meeting in agra

मुस्लिम हितों के मुद्दे पर दूसरे दलों को फरेबी बता गए मुख्तार अब्बास नकवी को अपनी सभा का सच मालूम होता तो क्या कहते यह तो नहीं पता, लेकिन वह अपनी ही पार्टीवालों के गहरे फरेब का शिकार जरूर हुए।

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दरअसल वह सभागार में जिन लोगों को मुसलमान समझ कर खिताब कर रहे थे उनमें अधिसंख्य गैर मुस्लिम थे। इस समुदाय द्वारा पहनी जाने वाली टोपी से यह फरेब बुना गया।

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कम कार्यकर्ता जुटे तो हुआ खेल!

Bjp supporters wear skull cap in mukhtar abbas naqvi's meeting in agra

अपने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के सामने भाजपा के प्रति मुस्लिमों में प्रेम को जिस नकाब में पेश किया गया, उसे इस टोपी ने बेनकाब कर दिया।हुआ यूं कि नकवी निर्धारित समय पर आ गए। वह खेरिया मोड़ पर थे जब यह खबर सभास्थल पर पहुंची।

वहां तब तक सिर्फ 20-30 लोग ही जुटे थे। आयोजकों के होश उड़ गए। आनन-फानन आसपास से कार्यकर्ता बुलाए गए। इनमें अधिकांश गैर मुस्लिम थे। अल्पसंख्यकों की संख्या दिखाने को औरों के साथ इन्हें भी वही टोपी पहना दी गई।

नकवी को नहीं लगी भनक

Bjp supporters wear skull cap in mukhtar abbas naqvi's meeting in agra

मदरसे से छात्र और मुस्लिम महिलाओं को गाड़ी में लाया गया। इसकी भनक नकवी को न लगे इसलिए उन्हें नाश्ता कराने के बहाने ब्रज क्षेत्र कार्यालय ले जाकर अटकाया गया। ‘सीन क्रिएट’ होते ही उन्हें लाया गया।

अनुराग बंसल भी उन युवकों में थे जिनके सिर पर टोपी थी।  लोहामंडी के राहुल और विशाल, जगदीशपुरा में परचून की दुकान चलाने वाले चमन से भी कहा गया था कि बस 15 मिनट के लिए चले चलो।

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सफेद रंग की 500 टोप‌ियां खरीदीं

Bjp supporters wear skull cap in mukhtar abbas naqvi's meeting in agra

उन्होंने बताया, ‘आए तो हमें टोपी पहनाकर बिठा दिया।’ सूत्रों ने बताया कि सफेद रंग की एक सी करीब पांच सौ टोपियां सोमवार सुबह ही खरीदी गई थीं।

वहीं इस पूरे मसले पर भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय मंत्री अशफाक सैफी ने कहा टोपी को राजनीति से नहीं जोड़ना चाहिए। भाजपा का बढ़ता जनाधार देख सपा-बसपा बदनाम कर रही हैं।

किसी ने शौकिया लगा लिया हो तो और बात है। किसी को टोपी पहनने के लिए बाध्य नहीं किया गया था।

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