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मांझी का क्या करें, उलझन में पड़ी भाजपा

Sat, 06 Jun 2015 08:00 AM IST
Updated Sat, 06 Jun 2015 08:00 AM IST
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bjp stuck on bihar former cm jitan ram manjhi

बिहार विधानसभा चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी की हालत बिना पतवार की नौका वाली होती दिख रही है। दरअसल मांझी की भूमिका को लेकर खुद भाजपा उलझ कर रह गई है। जदयू और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर ताबड़तोड़ हमला कर और भाजपा विरोधी मोर्चा में शामिल होने के लिए सीएम पद का उम्मीदवार बनाने की शर्त रखे जाने के बावजूद भाजपा की ओर से अभी तक मांझी के सामने कोई प्रस्ताव नहीं रखा गया है।

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भले ही मुख्यमंत्री पद पर मची खींचतान के दौरान भाजपा ने मांझी को प्रताड़ित दलित और सियासी हीरो के रूप में पेश किया हो, मगर विधानसभा चुनाव में पार्टी उन्हें ज्यादा तवज्जो देने के मूड में नहीं है। पार्टी का आकलन है कि मांझी के बागी तेवर से भले ही नीतीश की छवि महादलितों में खलनायक की बनी हो, मगर खुद मांझी का प्रभाव महादलितों में अपनी जाति मुसहर तक ही सीमित है।
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पद पर रहते अगड़ी जातियों के खिलाफ दिए गए अनर्गल बयान के कारण मांझी को भाजपा में शामिल करने पर भी ऊहापोह है। साथ ही पार्टी नेतृत्व को चुनाव पूर्व गठजोड़ की पेशकश रखे जाने पर मांझी की ओर से ज्यादा सीटों की मांग का भी डर सता रहा है।
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नेतृत्व को इस बात का भी डर है कि मांझी से चुनाव पूर्व गठजोड़ की स्थिति में लोजपा और रालोसपा भी ज्यादा सीटें हासिल करने के लिए मोलभाव करेंगी। यही कारण है कि भाजपा चुप्पी साधे बैठी है। पार्टी की रणनीति है कि राजद-जदयू की स्थिति स्पष्ट हो जाने और गठजोड़ के बाद मांझी के लिए इन दलों का दरवाजा बंद होने के बाद ही वह कोई प्रस्ताव तैयार करे।

एक धड़ा मांझी के खिलाफ

bjp stuck on bihar former cm jitan ram manjhi

इसी तरह हाल ही में राजद से निकाले गए बाहुबली सांसद पप्पू यादव से चुनाव पूर्व गठजोड़ भी खटाई में पड़ गया है। पार्टी का एक धड़ा यादव की आपराधिक पृष्ठभूमि के मद्देनजर उनसे दूरी बनाए रखने का पक्षधर है। माना जा रहा है कि चुनाव पूर्व गठजोड़ को लेकर राजग में भी राजद-जदयू की तरह ही विवाद खड़ा होगा।

सूबे में पार्टी की सहयोगी पार्टियां लोजपा और रालोसपा ने अलग-अलग 50 से अधिक सीटों पर दावेदारी पेश करने का मन बनाया है। जबकि भाजपा की राज्य इकाई की ओर से तैयार सीटों के बंटवारे में इन दोनों को मिलाकर अधिकतम 50 सीटें ही देने का प्रस्ताव है।

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