हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद, मोदी का रोड शो खत्म
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प्रचार कार्यक्रम पर स्थानीय प्रशासन की रोक के चलते हुए पूरे दिन के हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने अपना रोड शो खत्म कर दिया।
बनारस के भाजपा कार्यालय पहुंच कर मोदी ने कार्यकर्ताओं से बात की। बातचीत के बाद मोदी वापस रवाना हो गए। भारी भीड़ और जनसमर्थन के कारण कार्यालय तक पहुंचने में मोदी के काफिले को काफी समय लगा।
इस पूरे रोड शो के दौरान भाजपा ने बनारस में अपना शक्ति प्रदर्शन किया।
भारी भीड़ के चलते जाम में फंसा मोदी का काफिला
रोड शो के दौरान नरेंद्र मोदी को बनारस में भारी जनसमर्थन मिला। भारी भीड़ के चलते मोदी का रोड शो जाम में फंस गया है।
इसी दौरान बनारस में जमकर बारिश और आंधी भी आई। आंधी-बारिश के चलते वहां बिजली चली गई। नरेंद्र मोदी को रोड शो करते हुए भाजपा कार्यालय पहुंचना है जहां वह कार्यकर्ताओं से बातचीत करेंगे।
BHU से मोदी का रोड शो शुरू
नरेंद्र मोदी रोड शो करते हुए बनारस के भाजपा कार्यालय तक जाएंगे। रोड शो के दौरान आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता मौजूद थे। इस दौरान दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं में जमकर नारेबाजी हुई।
मोदी की रैली में काशी पर फोकस
पूरे दिन बनारस में जारी हो-हल्ले के बाद शाम के वक्त भाजपा के पीएम पद के दावेदार ने चुनावी रैली को संबोधित किया। उनके भाषण का ज्यादातर हिस्सा काशी और वहां के लोगों पर फोकस था।
वाराणसी के रोहनिया में रैली को संबोधित करते हुए नरेंद्र मोदी ने कहा, "मैं आपकी समस्याओं से जूझने के लिए आया हूं और मेरा एजेंडा सिर्फ विकास का है। गाली-गलौज करने वालों में मेरी कोई दिलचस्पी नहीं है। मैं बनारस के लोगों से दिल से जुड़ गया हूं।"
उन्होंने भाजपा से हाथ मिलाने वाली अपना दल की अनुप्रिया पटेल की तारीफ की और कहा कि उनके पिता सोनेलाल पटेल की कमी खली कर रही है। मोदी ने कहा, "मैंने सरदार पटेल की मूर्ति बनाने का जो जिम्मा उठाया है, वो सारा बोझ अपने कंधे पर उठा लेते। वो सरदार पटेल के प्रति पूरी तरह समर्पित थे।"
बुनकरों पर रहा खास ध्यान
नरेंद्र मोदी ने सवाल उठाया कि क्या बनारस का गौरव नहीं लौटाया जा सकता? उन्होंने कहा, "जो सपना महामना मदन मोहन मालवीय ने देखा था, मैं उसे आगे बढ़ाना चाहता हूं।
भाजपा के पीएम पद के दावेदार ने बनारस में बड़ी तादाद में बसे बुनकरों पर फोकस करते हुए कहा कि सूरत की साड़ियों की चर्चा दुनिया में पता होती है, लेकिन कम लोगों को पता होगा कि यह पूरा कारोबार बनारस ने खड़ा किया है।
उन्होंने कहा, "अगर सूरत इस उद्योग से चमक सकता है, तो बनारस में ऐसा क्यों नहीं हो सकता। मुट्ठी भर लोग बनारस से आकर सूरत की कायापलट सकते हैं, तो बनारस में क्यों नहीं। लेकिन इसके लिए आधुनिक डिजाइनिंग और मार्केटिंग होनी चाहिए। एक साल में आपके व्यवसाय को आधुनिक बना दूंगा।"
काशी को पर्यटन केंद्र बनाने का वादा
टूरिज्म की ताकत को अहसास दिलाते हुए मोदी ने कहा कि वो काशी को पर्यटन का बड़ा केंद्र बनाना चाहते हैं। उन्होंने कहा, "बनारस ने रहीम, रसखान और कबीर जैसे दिग्गजों को पैदा किया है। दुनिया इन लोगों को क्यों जानने के लिए नहीं आ सकते।"
उन्होंने कहा कि मौजूदा दौर में पर्यटन ऐसा उद्योग है, जो दूसरों की तुलना में सबसे तेज गति से बढ़ रहा है। मोदी ने कहा, "यह ऐसा उद्योग है, जिससे गरीब से गरीब आदमी भी कमा सकता है।"
भाजपा के पीएम पद के दावेदार ने कहा, "पर्यटन ऐसा उद्योग है, जिससे प्रसाद बेचने पाने, पान बेचने वाले, ऑटो या रिक्शा चलाने वालों से लेकर होटल वालों तक को फायदा होगा। यहां तक कि चायवाले को फायदा होगा।"
यूपीए सरकार पर करारा हमला
मोदी ने कहा, "मेरा बनारस का कार्यक्रम काफी पहले से तय था, लेकिन जो लोग चुनाव हार चुके हैं, वो मोदी की सूरत भी नहीं देखना चाहते, उनकी वजह से उसमें काफी खलल पड़ा है।"
उन्होंने कहा, "आपको यह जानकर हैरानी होगी कि जितने लोग आज तलक चीन, पाकिस्तान और बांग्लादेश के साथ जंग में मारे गए, पिछले दस साल में उनसे ज्यादा किसान आत्महत्या कर चुके हैं। और यूपीए सरकार का काम ऐसा है कि वो कारगिल विधवाओं के फ्लैट नेता अपने रिश्तेदारों में बांट गए।"
दिन भर चला हाई-वोल्टेज ड्रामा
इससे पहले नरेंद्र मोदी के कार्यक्रमों को इजाजत न देने के मुद्दे पर भाजपा ने बनारस में पूरा दिन हाई-वोल्टेज ड्रामा किया। पार्टी ने बेनियाबाग में रैली की इजाजत मांगी थी, जो नहीं दी गई।
मोदी के बनारस पहुंचने से पहले भाजपा कार्यकर्ताओं ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के बाहर अपना धरना तय वक्त से पहले दो घंटे में खत्म कर दिया। अमित शाह और अरुण जेटली धरने पर बैठे थे।
वाराणसी के लंका चौक पर बीजेपी का ये धरना प्रदर्शन चल रहा था। बीजेपी नेता और कार्यकर्ता इस बात ये खफा हैं कि मोदी को बेनियाबाग में रैली की इजाजत देने से प्रशासन ने क्यों इनकार किया।
जेटली और शाह का आयोग पर निशाना
धरना खत्म करने के बाद अरुण जेटली और अमित शाह ने चुनाव आयोग पर जमकर निशाना साधा। मीडिया से बात करते हुए दोनों वरिष्ठ नेताओं ने आयोग के खिलाफ गुस्सा जाहिर किया।
जेटली ने कहा कि जब कश्मीर में रैली हो सकती हैं, नक्सल प्रभावित जगहों पर रैली हो सकती हैं तो वाराणसी में क्यों नहीं?
शाह ने कहा कि प्रशासन राज्य सरकार के इशारों पर काम कर रहा है, हम 50,000 कार्यकर्ताओं के साथ शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे हैं।
बीजेपी कार्यकर्ताओं ने की बदसुलूकी
वाराणसी में विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने टीएमसी उम्मीदवार इंदिरा तिवारी के साथ बदसुलूकी की।
पूरे वाराणसी से बीजेपी कार्यकर्ता लंका चौक पर जमा हो गए थे चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान इंदिरा तिवारी के साथ बदसुलूकी की गई।
'चुनाव आयोग ने नहीं निभाई जिम्मेदारी'
वाराणसी से पहुंचने से पहले मोदी ने आजमगढ़ की रैली में कहा कि चुनाव आयोग ने अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई। मोदी ने चुनाव आयोग पर पक्षपात करने का आरोप भी लगाया। इसके बाद उन्होंने अपने अंदाज में सपा, बसपा और कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इन लोगों का एकमात्र उद्देश्य मोदी को रोकना है।
नरेंद्र मोदी ने कहा कि मैंने आपको 24 अप्रैल को चेतावनी दी थी लेकिन उस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि लोगों को अब ऐसा लग रहा है कि चुनाव आयोग अपनी जिम्मेदारी सही तरीके से नहीं निभा रहा है।
उन्होंने कहा कि पिछले तीन चरण के चुनाव में आयोग निष्पक्ष चुनाव करने में नाकाम रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग पक्षपात करने का आरोप लगाया।
अनुमति नहीं मिली तो भड़का गुस्सा
वाराणसी के बेनियाबाग में मोदी की प्रस्तावित रैली को स्थानीय प्रशासन ने अनुमति नहीं दी तो बीजेपी कार्यकर्ता नाराज हो गए। नाराज कार्यकर्ताओं ने वाराणसी और दिल्ली में जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
अरुण जेटली और अमिल शाह समेत कई बड़े बीजेपी नेता भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए।
मोदी ने मांगी गंगा मां से माफी
इससे पहले नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर मां गंगा से ना आ पाने के लिए माफी मांगी। मोदी ने चुनाव आयोग को भी कठघरे में खड़ा किया। मोदी ने ट्वीट कर कहा, "चुनाव आयोग निष्पक्षता से काम नहीं कर रहा है। चुनाव आयोग का ऐसा करना दुर्भाग्यपूर्ण है।"
मोदी ने ट्वीट किया, "मैं अपने सभी भाईयों, बहनों और कार्यकर्ताओं से अपील करता हूं कि वे शांति बनाएं रखें और ऐसा कोई कार्य ना करें, जिससे आम लोगों को कोई परेशानी हो।"
गंगा आरती में शामिल ना होने पर मोदी ने ट्वीट कर कहा, "मैं आज आरती में शामिल ना होने के लिए मां गंगा से माफी चाहता हूं। वे लोग समझेंगे कि मां का प्यार राजनीति से कहीं ऊपर होता है।"