'तीन-चार करें तो गैंगरेप, दो करें तो नहीं'
कर्नाटक के गृह मंत्री केजे जॉर्ज के बलात्कार पर दिए गए बयान पर काफी विवाद हो गया है। हालाँकि शुक्रवार को उन्होंने बैंग्लुरू में संवाददाता सम्मेलन में इस बयान पर सफाई भी दी और कहा कि वह सिर्फ सामूहिक बलात्कार पर जनधारणा की बात कर रहे थे।
विपक्षी पार्टी भाजपा ने जॉर्ज के इस बयान की तीखी आलोचना की है और कहा है कि गृहमंत्री घाव पर नमक छिड़कने का काम कर रहे हैं। जॉर्ज ने बैंगलुरू में एक बीपीओ कर्मचारी के साथ सामूहिक बलात्कार के मामले में ये बयान दिया था।
जॉर्ज ने कहा था, "एक या दो लोगों के द्वारा किया गया बलात्कार सामूहिक बलात्कार नहीं है। तीन या चार लोगों द्वारा किए गए बलात्कार" को ही सामूहिक बलात्कार की श्रेणी में रखा जा सकता है।
मंत्री के इस बयान के ठीक पहले बैंगलुरू में एक बीपीओ कर्मचारी के साथ दो लोगों ने सुनसान जगह पर बलात्कार किया था।
विवाद और जॉर्ज
विवाद छिड़ने के बाद जॉर्ज ने सफाई दी है। शुक्रवार को उन्होंने कहा, "बलात्कार आख्रिरकार बलात्कार है, यह एक आदमी करे या एक समूह। मैं आम लोगों की धारणा की बात कर रहा था।"
उन्होंने विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहा, "मैं विपक्ष से यह पूछना चाहता हूं कि जब उनके कैबिनेट सहयोगी पर बलात्कार का आरोप लगा था तो उन्होंने क्या किया था? जब उनके लोगों ने विधानसभा में ब्लू फिल्म देखी थी उन्होंने क्या किया था?
"धारा 376 (2) में सामूहिक बलात्कार के बारे में कहा गया है, "यदि एक से ज्यादा लोग एक समूह बनाकर किसी पर यौन हमला करते हैं तो माना जाएगा कि हर किसी ने सामूहिक बलात्कार किया है।"
जॉर्ज के बयान पर भाजपा नेता और पूर्व क़ानून मंत्री सुरेश कुमार ने कहा था, "यह जॉर्ज की संवेदनहीनता का चरम है। वे ऐसा कर घाव पर नमक छिड़कने का काम कर रहे हैं। अपने विभाग का बचाव करने की कोशिश में वे दोषियों का बचाव कर रहे हैं।"
केजे जॉर्ज इससे पहले भी विवादों में रह चुके हैं। उन्होंने दो साल पहले कहा था कि मीडिया सिर्फ बलात्कार की खबरों को ही तरजीह देता है। इस मुद्दे पर कर्नाटक विधानसभा में चर्चा भी हुई थी।