वाड्रा के बहाने बीजेपी ने कांग्रेस पर किया पलटवार
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देश में बिगड़ते माहौल को लेकर कांग्रेस ने मोदी सरकार के खिलाफ मार्च निकाला तो बीजेपी ने उस पर जबरदस्त पलटवार किया है। बीजेपी नेता संबित पात्रा ने प्रेस वार्ता कर कहा कि जमीन घोटाले के जो खुलासे हो रहे हैं, जिससे बौखलाकर कांग्रेस यह मार्च निकाल रही है।
बीजेपी ने आरोप लगाया कि बीकानेर में फर्जी कंपनी ने वाड्रा की जमीन ली है। इस जमीन को 79 लाख रुपए में वाड्रा ने खरीदा था, जिसे दो साल बाद पांच करोड़ 44 लाख रुपए में एक कंपनी को बेच दिया गया था। इस कंपनी ने भूषण पॉवर एंड स्टील से उधार लेकर यह जमीन वाड्रा से खरीदी थी। जिस कंपनी को जमीन बेची गई, उसके कई शेयर धारकों का पता ही नहीं है।
भूषण पावर ने उस कंपनी को यह लोन क्यों दिया, इसके बारे में पूछताछ की जा रही है। यह असुरक्षित लोन था, जिसकी रकम भी कंपनी ने नहीं चुकाई।
गौरतलब है कि वाड्रा की कंपनी पर पहले भी कई मामले दर्ज हो चुके हैं जिन्हें कांग्रेस कार्यकाल में राजस्थान के साथ-साथ हरियाणा में गलत तरीके से खरीदा गया था।
ईडी ने दिल्ली की कंपनी पर मारा छापा
इससे पूर्व प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बीकानेर के जमीन घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सोमवार को दिल्ली की एक फर्म पर छापा मारा था।
घोटाले में शामिल एक कंपनी के तार वाड्रा से जुड़े बताए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार ईडी ने यह कार्रवाई दक्षिण दिल्ली में की है। जिन परिसरों पर छापा मारा गया है, वे चार्टर्ड अकाउंटेंसी फर्म से संबंधित हैं। माना जा रहा है कि यह फर्म एक छद्म कंपनी के रूप में काम कर रही थी।
एजेंसी ने कई दस्तावेज और कंप्यूटर के हिस्से जब्त किए हैं। एजेंसी को जांच में पता चला था कि यह फर्म कंपनियों से जमीन की खरीद में शामिल है।
ईडी ने सितंबर में राज्य पुलिस की एफआईआर के आधार पर स्वत: संज्ञान लेते हुए प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। हालांकि इसमें कहीं भी रॉबर्ट वाड्रा या उनसे जुड़ी किसी कंपनी का नाम नहीं है।
यह पूरा मामला राजस्थान के बीकानेर में हुई जमीन की खरीद फरोख्त से जुड़ा है। राज्य सरकार ने इस साल जनवरी में भूमि विभाग की रिपोर्ट के बाद 374.44 हेक्टेयर भूमि का हस्तांतरण रद्द कर दिया था।
विभाग ने अपनी रिपोर्ट में पाया था कि जमीन का आवंटन अवैध निजी लोगों के नाम किया गया था। भू माफियाओं ने सरकारी अधिकारियों की मौन सहमति से फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन हथिया ली थी। तहसीलदार की शिकायत के बाद पुलिस ने कुल 18 रिपोर्ट दर्ज की थीं।