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जाटों की दो टूक: अजित सिंह से गठबंधन न करे भाजपा

Thu, 17 Oct 2013 12:31 AM IST
अमर उजाला, दिल्ली
अमर उजाला, दिल्ली Updated Thu, 17 Oct 2013 12:31 AM IST
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bjp should not make alliance with ajit singh says jat leaders

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जाट नेताओं ने भाजपा नेतृत्व से दो टूक कह दिया है कि आगामी लोकसभा चुनाव में राष्ट्रीय लोकदल के साथ किसी भी तरह का चुनावी गठबंधन न किया जाए।

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पार्टी के पूर्व अध्यक्ष डॉ. मुरली मनोहर जोशी व उत्तर प्रदेश के प्रभारी महासचिव अमित शाह के साथ बैठक में इन नेताओं ने कहा कि पश्चिम उत्तर प्रदेश में भाजपा को चुनावी परचम फहराना है तो जाट सुमदाय को संगठन में भी जगह देनी होगी। उत्तर प्रदेश भाजपा में जाट सुमदाय से एक भी नेता पदाधिकारी नहीं है।
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मुजफ्फरनगर के दंगों के बाद भाजपा से जुड़े जाट सुमदाय के नेताओं की दिल्ली में यह पहली बैठक थी। भाजपा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इस बार चुनाव में बेहतर नतीजों की उम्मीद कर रही है।
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पार्टी के किसान मोर्चा के उपाध्यक्ष नरेश सिरोही की पहल पर हुई इस बैठक में डॉ. जोशी और शाह से साफ कह दिया गया कि पिछले अनुभव को देखते हुए अब अजित सिंह से दोबारा चुनावी गठबंधन नहीं होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि अजित सिंह के साथ समझौता होने से भाजपा के जाट नेताओं के हिस्से के टिकट राष्ट्रीय लोकदल को मिल जाते हैं, जबकि चुनाव बाद अजित सिंह कांग्रेस के पाले में चले जाते हैं। दूसरी ओर टिकट नहीं मिलने पर जाट समुदाय भाजपा से दूरी बना लेता है। इसलिए इस बार अपने ही कार्यकर्ताओं को टिकट दिया जाए।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाट समुदाय से भाजपा के चार सांसद व लगभग 10 विधायक भी रह चुके हैं। मुजफ्फरनगर दंगों के बाद अब भाजपा फिर से अपना जनाधार लौटता देख रही है।

सिरोही ने कहा कि राम मंदिर आंदोलन के दौरान जाट समुदाय भाजपा के साथ जुड़ा और 2000 तक रहा, लेकिन अजित सिंह से समझौता होने के कारण फिर से दूर हो गया।

डॉ. जोशी और शाह ने जाट नेताओं को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने का भरोसा दिया। बैठक में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 22 जिलों के जाट सुमदाय से जुड़े सांसद, पूर्व सांसद, विधायक व पूर्व विधायक से लेकर जिलास्तर के नेता भी शामिल थे।


इनमें सिरोही के साथ ही सोनवीर सिंह, सुधीर कात्यान, वीरसेन, जयप्रकाश तोमर, आत्माराम तोमर, चौ. ब्रह्मपाल सिंह, रामनरेश रावत, किशनवीर सिरोही, वीरेंद्र सिरोही, उमेश कुमारी, मीना कुमारी, उदयभान सिंह, चौ.तेजवीर सिंह, प्रमुखपाल सिंह, हरपाल सिंह, राजेश चुन्नू व तेजपाल सिंह समेत बड़ी संख्या में जाट नेता शामिल हुए।

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