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चुनाव के बाद फिर साथ आ सकते हैं शिवसेना और बीजेपी

Fri, 03 Oct 2014 07:55 PM IST
Updated Fri, 03 Oct 2014 07:55 PM IST
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bjp-shivsena may together again after Election.

महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के बाद भाजपा एक बार फिर से शिवसेना के साथ गठबंधन कर सकती है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस तरह की संभावनाओं से इनकार नहीं किया है।

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उन्होंने कहा कि अगर स्थिति ऐसी होती है, तो भाजपा एक बार फिर से शिवसेना के साथ हाथ मिला सकती है।

गडकरी ने 25 साल पुराने गठबंधन के टूटने को सबसे दुखद क्षण बताया। जब उनसे चुनाव बाद सेना के साथ गठबंधन संबंधी सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि अगर स्थिति ऐसी होती है, तो हम निश्चित तौर पर इस बारे में सोच सकते हैं। शिवसेना हमारा सहयोगी दल रहा है। शिवसेना को लेकर भाजपा में कोई कड़वाहट नहीं है।
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गडकरी का संभावनाओं से इनकार नहीं

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नितिन गडकरी ने कहा कि हम जितना सम्मान अटल जी का करते हैं, उतना ही सम्मान बाला साहेब ठाकरे का करते हैं। अगर चुनाव बाद गठबंधन की जरूरत पड़ी तो हमारा संसदीय बोर्ड निश्चित तौर पर इस मुद्दे पर विचार करेगा।

गडकरी ने एक टीवी चैनल से कहा कि एनडीए सरकार में शिवसेना के इकलौते मंत्री अनंत गीते ने अपने पद से इस्तीफा नहीं दिया है और भाजपा में से किसी ने उन्हें इस्तीफा देने को कहा भी नहीं है।

जब उनसे पूछा गया कि क्या जरूरत पड़ने पर भाजपा एनसीपी से गठबंधन करने पर विचार कर रही है, तो उन्होंने कहा, "हमें पूर्ण बहुमत प्राप्त होगा। इसमें कोई शंका नहीं है।"

उद्धव ने भाजपा पर बोला हमला

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शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने भाजपा पर आरोप लगाया है कि उसने केंद्र में सत्ता हासिल करने के लिए उनकी पार्टी का इस्तेमाल किया और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए उनसे गठबंधन तोड़ दिया।

गठबंधन को बनाए रखने के लिए दिवंगत प्रमोद महाजन और गोपीनाथ मुंडे के प्रयासों को याद करते हुए उन्होंने कहा, "इन नेताओं ने कभी भी चीजों को टूटने के कगार तक नहीं पहुंचने दिया। मगर अब भाजपा नेताओं के लिए यह शतरंज की बाजी बन गई है।"

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