भाजपा-शिवसेना में मचा घमासान थमा, सहयोगी भी माने!
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पिछले कई दिनों से शिवसेना और भाजपा में मचा घमासान थमता दिख रहा है। सूत्रों की मानें तो सीटों के बंटवारे पर दोनों दलों और घटक दलों में सहमति बन गई है।
नए फॉर्मूले के तहत महाराष्ट्र की कुल 288 सीटों में शिवसेना 150 सीटों पर चुनाव लड़ेगी जबकि भाजपा 124 सीटों पर चुनाव लड़ने को राजी हो गई है।
इसके अलावा घटक दलों को भी सात की बजाय 14 सीटों का ऑफर दिया गया है। माना जा रहा है बृहस्पतिवार को इसकी औपचारिक घोषणा की जा सकती है।
इससे पहले बुधवार को बैठकों का दौर चलता रहा। मंगलवार को शिवसेना ने नए प्रस्ताव के तहत भाजपा को 130 सीटों का ऑफर दिया था, लेकिन घटक दलों के लिए सिर्फ सात सीटें ही छोड़ी गई थीं।
उद्धव ने की पार्टी नेताओं से मुलाकात
इसके चलते घटक दलों की तीन पार्टियों ने अलग होने की धमकी भी दे डाली थी। इसके बाद दिन भर मान मनौव्वल का दौर चलता रहा। बाद में शिवसेना और भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को भी बीच में आना पड़ा।
शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने खुद घटक दलों के नेताओं महादेव जानकर, राजू शेट्टी और विनायक मेटे से मातोश्री में बात की, जिसके बाद उनके तेवर नरम पड़ गए।
भाजपा-शिवसेना के लिए राहत की बात यह रही कि आरपीआई अध्यक्ष रामदास अठावले ने महागठबंधन में बने रहने के संकेत पहले ही दे दिए थे।
शिवसेना ने घटक दलों को अपने कोटे की एक और सीट का ऑफर देते हुए भाजपा से अतिरिक्त सीट मांगने की सलाह दी थी। इस बीच भाजपा नेता राजीव प्रताप रूडी और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष देवेन्द्र फड़नवीस ने सहयोगी दलों के साथ चलने का भरोसा दिया तो घटक दल के नेताओं ने फिर से भाजपा नेताओं के साथ बैठक शुरू की।