यूपी के जरिए संसद पहुंच सकते हैं राम माधव
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हाल ही में आरआरएस से भाजपा भेजे गए और फिलहाल संगठन में महासचिव पद की जिम्मेदारी संभाल रहे राम माधव राज्यसभा सदस्य के रूप में नई पारी की शुरुआत कर सकते हैं।
वरिष्ठ नेता लालजी टंडन की दावेदारी के बीच पार्टी नेतृत्व ने उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव में राम माधव केनाम पर भी गंभीर मंथन किया है।
पार्टी नेतृत्व अगले हफ्ते टंडन या राम माधव में से किसी एक नाम पर अंतिम मुहर लगा देगा। टंडन तत्कालीन पार्टी अध्यक्ष और गृह मंत्री राजनाथ सिंह के लिए लखनऊ संसदीय क्षेत्र छोड़ने की बात कर राज्यसभा के लिए अपनी दावेदारी ठोक रहे हैं।
मगर पार्टी नेतृत्व राममाधव के नाम पर भी गंभीरता से विचार कर रहा है। सूत्रों का कहना है कि चूंकि राजनाथ के लिए सीट छोड़ने केएवज में टंडन के पुत्र को विधानसभा उपचुनाव का टिकट दिया जा चुका है।
राज्यपाल के लिए भी अभी कई वरिष्ठ नेताओं के नाम पर विचार होना है। ऐसे में राज्यसभा के लिए राम माधव की दावेदारी मजबूत हो सकती है।
भाजपा के खाते में आएगी सिर्फ एक सीट
उत्तर प्रदेश की राज्यसभा की जिन 10 सीटों के लिए 20 नवंबर को मतदान होने हैं, उनमें संख्या बल के हिसाब से पार्टी के हिस्से महज एक सीट ही आएगी।
बहरहाल पार्टी ने वर्तमान सांसद कुसुम राय को फिर से राज्यसभा नहीं भेजने का अंतिम फैसला कर लिया है। राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव के लिए नामांकन करने की अंतिम तारीख 10 नवंबर घोषित की गई है।
उत्तर प्रदेश में अपने खाते की एक सीट पर उम्मीदवार का नाम तय करने के लिए बीते मंगलवार को पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने संगठन महासचिव रामलाल और उत्तर प्रदेश के संगठन मंत्री सुनील बंसल के साथ लंबी बैठक की।
बैठक के बीच ही राम माधव को भी बुला कर बातचीत की गई। इस बैठक में शिकरत करने के लिए राम माधव मंगलवार को ही मध्य प्रदेश भवन में चल रही संघ, भाजपा और मोदी सरकार के मंत्रियों की बैठक के बीच ही पार्टी मुख्यालय पहुंचे थे।