भाजपा ने ढूंढ लिया केजरीवाल का 'तोड़'
राजनीति में सादगी की मिसाल पेश करने वाले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मुकाबले के लिए भारतीय जनता पार्टी ने नया दांव चलने का फैसला किया है, ताकि आम आदमी पार्टी को कड़ी चुनौती पेश की जा सके।
भगवा पार्टी केजरीवाल के सामने अब अपने ऐसे नेता को उतारने की तैयारी कर रही है, जो अब तक दिल्ली से दूर रहे हें। गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर को केजरीवाल की काट के तौर पर सामने रखा जा सकता है।
दरअसल, भाजपा शहरी वोटरों को लुभाने के लिए गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर का दांव खेल रही है और यह सारी कवायद शहरी मतदाताओं का केजरीवाल के प्रति बढ़ते रुझान को देखते हुए कर रही है।
गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर भी आईआईटी से पासआउट इंजीनियर हैं। विधानसभा चुनाव में AAP की अप्रत्याशित जीत ने लोकसभा चुनावों के लिए दोनों बड़ी पार्टी को चौकन्ना कर दिया है। खतरे को भांपते हुए भाजपा, आम आदमी पार्टी को हल्के में लेने की कोशिश नहीं करेगी।
शहरी लोग और बुद्धिजीवियों को लुभाएंगे पर्रिकर
मनोहर पर्रिकर देश के अलग अलग शहरी इलाकों में जाकर लोगों से बात करेंगे और भाजपा के विकास कार्यों की नीति को बताएंगे। इसके साथ ही पर्रिकर देश के बुद्धिजीवियों से भी बात करेंगे।
इसी क्रम में पर्रिकर सोमवार को दिल्ली आए थे और मंगलवार को लखनऊ में रहे।
सोमवार को दिल्ली आए मनोहर पर्रिकर ने बुद्धिजीवियों से बात की और ये माना कि दिल्ली विधानसभा के नतीजे से पार्टी को सीख मिली है।
पार्टी को इन नतीजों से सबक लेते हुए पार्टी में साफ छवि वाले लोगों को जगह देनी चाहिए और डोर-टू-डोर कैंपेन के जरिए लोगों से संपर्क साधना चाहिए।
20 शहरों में ऐसे ही प्रचार करेंगे पर्रिकर
मनोहर पर्रिकर ने आगामी प्रचार नीतियों को साझा करते हुए बताया कि वह देश के 20 बड़े शहरों में इसी तरह सभा करके लोगों और बुद्धिजीवियों से बातचीत करेंगे। इस बातचीत का मकसद बुद्धिजीवियों का समर्थन जुटाना है।
पार्टी के महासचिव राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि शहरी मध्यमवर्ग तक अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए पार्टी के वरिष्ठ नेता यशवंत सिंह भी इस तरह की मुलाकात करेंगे। शहरी इलाकों में ऐसी करीब 100 सभाएं की जाएंगी और पार्टी की नीतियों का प्रचार किया जाएगा।
'अच्छा प्रशासक मैदान छोड़कर नहीं भागता'
केजरीवाल पर तंज कसते हुए पर्रिकर ने कहा कि अच्छा प्रशासक कभी मौदान छोड़कर नहीं भागता है। मनोहर पर्रिकर सिर्फ यहां तक ही नहीं रुके उन्होंने कहा कि कई अच्छे कामों के बावजूद मैं गोवा में मनोरंजन कर कम नहीं कर सका। लेकिन दिल्ली में तो रोज मनोरंजन होता है।
पहले भी बनाया था निशाना
मनोहर पर्रिकर ने पहले भी दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के विरोध प्रदर्शन को नौटंकी करार देते हुए कहा था कि वह अब खुद को आईआईटी वाले मुख्यमंत्री कहलाना पसंद नहीं करते।
उन्होंने कहा कि आईआईटी खड़गपुर के पूर्व छात्र केजरीवाल के प्रदर्शन से संस्थान की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है। उद्योगपतियों से बातचीत में पर्रिकर ने केजरीवाल का नाम लिए बिना उन्होंने कहा था कि वह खुद को आईआईटी वाले मुख्यमंत्री कहलाना पसंद नहीं करते।
केजरीवाल के धरना देने के बारे में उन्होंने का कहा कि आज कल आईआईटी से अलग तरह के छात्र बाहर आ रहे हैं। कुछ अच्छे हैं लेकिन कुछ दूसरों की नकल करते हैं।
सादगी पसंद सीएम हैं पर्रिकर
अरविंद केजरीवाल की तरह मनोहर पर्रिकर भी साधारण रहन-सहन में यकीन रखते हैं। हाल ही में उन्हें कार्यालय जाने के लिए एक शख्स से स्कूटर पर लिफ्ट लेते देखा गया।
आईआईटी मुंबई से स्नातक पार्रिकर के कार्यकाल में बड़े-बडे़ अधिकारी भी भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाने पर बख्शे नहीं जाते हैं।
जनता से अपनी ई मेल आईडी के जरिये खुद संवाद करने वाले पार्रिकर के पास न तो लालबत्ती की गाड़ियों की लंबी कतारें हैं और न ही वीवीआईपी सुरक्षा की तामझाम। वह मीडिया और कैमरों की नजर से दूर ही रहना पसंद करते हैं।