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मोदी की भावी भूमिका पर संघ व भाजपा में मंथन

Tue, 12 Feb 2013 11:54 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Tue, 12 Feb 2013 11:54 PM IST
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bjp rss leaders hold discussion on role of narendra modi

राष्ट्रीय राजनीति में नरेंद्र मोदी की भूमिका और हिंदू आतंकवाद पर यूपीए सरकार को घेरने के सवाल पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा में विचार-मंथन शुरू हो गया है। आतंकी अजमल कसाब और अफजल गुरू को फांसी दिये जाने के बाद भाजपा को भी अब लोकसभा चुनाव निकट दिख रहे हैं। इसलिए अब संघ और भाजपा ने भी अपनी तैयारी तेज कर दी है।

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इसी कवायद के तहत दिल्ली में मंगलवार रात भोजन के साथ संघ और भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने लोकसभा चुनाव, संसद का बजट सत्र, मोदी की भूमिका और हिंदू आतंकवाद से लेकर पार्टी के नव निर्वाचित अध्यक्ष राजनाथ सिंह की नई टीम का गठन और राष्ट्रीय परिषद की बैठक समेत कई मुद्दों पर लंबा विचार-मंथन किया।
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संघ और भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की यह बैठक वैसे तो आपसी समन्वय को बढ़ाने की नियमित प्रक्रिया का हिस्सा बताया जाता रहा है। मगर इसकी अहमियत इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि यह बैठक बजट सत्र व पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी और राष्ट्रीय परिषद की बैठक से पहले हुई।
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अब संघ से मिले दिशा-निर्देश के आधार पर ही भाजपा एक से तीन मार्च तक दिल्ली में राष्ट्रीय परिषद में अपनी रणनीति तय करेगी। सूत्रों के अनुसार इस बैठक में मुख्यतौर पर लोकसभा चुनाव पर विचार मंथन किया गया। खासतौर पर गुजरात में हैट्रिक बना चुके मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाए जाने की लगातार उठ रही मांग के मद्देनजर उनकी भावी भूमिका पर भी विचार किया गया।

भाजपा अभी भी दुविधा में है क्योंकि मोदी को पीएम उम्मीदवार घोषित करने पर एनडीए के विघटन का खतरा है। इसलिए इस बात पर विचार किया गया कि मोदी को चुनाव अभियान समिति की कमान सौंपकर लोकसभा चुनाव लड़ाकर जनता को संदेश दे दिया जाए।

इसके अलावा अब संसद का बजट सत्र भी निकट है और सरकार आतंकी अजमल कसाब और अफजल गुरू को फांसी दे चुकी है। इससे भाजपा के हाथ से आतंकवाद का मुद्दा लगभग छिन सा गया है। इसलिए संघ चाहता है कि भाजपा अब हिंदू आतंकवाद के मसले को जोर शोर से उठाए। भाजपा भी पहले ही कह चुकी है कि वह गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे को सस्ते में नहीं छोड़ेगी।


इस बैठक में संघ प्रमुख मोहन भागवत, भैय्या जी जोशी, सुरेश सोनी समेत कई प्रमुख नेता मौजूद थे, जबकि भाजपा की ओर से लालकृष्ण आडवाणी, भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह, लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज, राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली समेत लगभग सभी प्रमुख नेता मौजूद थे।

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