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शिवसेना के अल्टीमेटम पर सीएम फडनवीस का पलटवार

Thu, 06 Nov 2014 09:13 AM IST
Updated Thu, 06 Nov 2014 09:13 AM IST
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BJP rejected shivsena's ultimatum.

महाराष्ट्र में भाजपा-शिवसेना के बीच सत्ता समीकरण को लेकर अविश्वास बढ़ता जा रहा है। बुधवार को भाजपा ने शिवसेना के अल्टीमेटम को ठुकरा दिया।

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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने साफ कहा कि सदन में बहुमत सिद्ध होने के बाद ही राज्य मंत्रिमंडल का विस्तार किया जाएगा। इससे शिवसेना को एक बार फिर झटका लगा है। इसको देखते हुए शिवसेना ने नौ नवंबर को विधायक दल की बैठक बुलाई है, जिसमें भाजपा सरकार को समर्थन देने के संबंध में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
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शिवसेना ने भाजपा को चार दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि वह आठ नवंबर तक मंत्रिमंडल विस्तार पर अपना रुख साफ करे। शिवसेना का कहना है कि यदि भाजपा कोई फैसला नहीं लेती है तो हम भाजपा सरकार को समर्थन देने के बजाय विपक्ष में बैठेंगे और सदन में अपने दल के नेता की घोषणा कर देंगे।
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ऐसे में भाजपा के बाद दूसरी नंबर की पार्टी शिवसेना को विधानसभा में विपक्ष के नेता का पद हासिल हो जाएगा। इसे शिवसेना का प्लान बी माना जा रहा है। दरअसल, शिवसेना चाहती है कि सदन में बहुमत साबित करने से पहले कम से कम दो कैबिनेट मंत्री को शपथ दिलाई जाए और बहुमत सिद्ध होने के बाद शिवसेना के मंत्रियों की संख्या बढ़ाई जाए।

नौ को शिवसेना ने बुलाई विधायकों की बैठक

BJP rejected shivsena's ultimatum.

शिवसेना भाजपा को समर्थन देने के बदले उपमुख्यमंत्री का पद और अन्य 10 मंत्री के पद चाहती है। खास बात यह है कि शिवसेना उपमुख्यमंत्री पद को लेकर कोई समझौता नहीं चाहती और भाजपा, शिवसेना को उपमुख्यमंत्री पद देकर घटक दल की सरकार होने का संदेश नहीं देना चाहती।

सूत्रों का कहना है कि शिवसेना को चार कैबिनेट और चार राज्यमंत्री पद देने के लिए भाजपा तैयार है लेकिन शिवसेना को यह मंजूर नहीं है। इस तरह दोनों दलों में मंत्रियों को लेकर खींचतान जारी है और इसको लेकर गठबंधन का पेंच फंसा हुआ है।

उधर, उच्च व तकनीकी शिक्षा मंत्री विनोद तावड़े ने कहा कि सरकार में शामिल होने को लेकर शिवसेना और भाजपा के बीच चर्चा शुरू है लेकिन अभी तक कोई निर्णय नहीं हो पाया है, इसलिए बहुमत सिद्ध करने से पहले मंत्रिमंडल का विस्तार संभव नहीं है।

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