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अनुच्छेद 370 पर भाजपा ने बनाया खास प्लान

Tue, 19 Aug 2014 12:06 PM IST
Updated Tue, 19 Aug 2014 12:06 PM IST
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Bjp ready for start debate on 370 in all over india

अनुच्छेद 370 पर शुरुआती सुगबुगाहट के बाद भले ही एनडीए सरकार के स्तर पर इस मुद्दे पर चुप्पी दिख रही हो, मगर भाजपा ने इस मुद्दे पर देशव्यापी बहस खड़ी करने की पहल कर दी है।

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इस मुद्दे पर बहस की शुरुआत के लिए पार्टी के संवाद सेल ने ऑनलाइन रायशुमारी शुरू की है। इसके जरिए सेल ने अनुच्छेद 370 के नफे नुकसान पर लोगों की राय मांगी है।
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सेल की योजना इस मुद्दे पर श्वेत पत्र जारी करने के साथ-साथ लोगों की राय को पुस्तक के रूप में सामने लाने की है। पक्षपात के आरोपों से बचने  के लिए लोगों की राय का सार तैयार करने के बाद संवाद सेल की योजना इस रायशुमारी के आधार पर कुछ वरिष्ठ पत्रकारों से स्वतंत्र राय लेने की है।

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1000 से ज्यादा लोगों की राय आई

Bjp ready for start debate on 370 in all over india

भाजपा संवाद सेल के सह संयोजक रमन मलिक ने अमर उजाला से इस रायशुमारी को वक्त की जरूरत बताते हुए अनुच्छेद 370 की वैधता पर ही सवाल खड़े किए।

उनका कहना है कि जब जम्मू कश्मीर में इस अनुच्छेद को लागू किया गया तब न तो देश में चुनी गई संसद थी और न ही जिस शेख अब्दुल्ला के साथ इस आशय का समझौता हुआ, उनके पास कोई सरकारी पद ही था।

इस कड़ी में अब तक 1000 से ज्यादा लोगों की राय आ भी गई है।

अनुच्छेद 370 के जिन बिंदुओं पर राय आमंत्रित की गई है, उनमें पहला इस अनुच्छेद के प्रावधान, दूसरा अनुच्छेद के कारण सूबे के लोगों को हुए नफे और नुकसान, तीसरा अनुच्छेद स्थायी या अस्थाई और चौथा इस अनुच्छेद का भारत पर अब तक पड़े प्रभाव के बारे में है।

जम्मू-कश्मीर की महिलाएं अधिकारों से वंचित

Bjp ready for start debate on 370 in all over india

यह रायशुमारी ऑनलाइन ग्रुप के जरिए हो रही है, मगर इसमें कोई लिखकर भेजना चाहता है तो उसे भी शामिल किया जा रहा है। भाजपा संवाद सेल के सह संयोजक का मानना है कि इस अनुच्छेद के कारण पूरे जम्मू-कश्मीर ही नहीं पूरे देश को इसका भारी नुकसान उठाना पड़ा है।

इसके कारण जम्मू-कश्मीर की महिलाएं मौलिक अधिकारों से वंचित हैं तो इसी अनुच्छेद के कारण राज्य में परिसीमन नहीं हो पाया है। इसके अलावा भूमि कानून लागू न होने के कारण वहां की जमीन पर चुनिंदा परिवारों का ही कब्जा है।

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