{"_id":"73d0ce8a-2bb7-11e2-9941-d4ae52bc57c2","slug":"bjp-president-nitin-gadkari-will-remain-even-after-the-end-of-term","type":"story","status":"publish","title_hn":"कार्यकाल के बाद भी गडकरी ही रहेंगे भाजपा अध्यक्ष ","category":{"title":"India News Archives","title_hn":"इंडिया न्यूज़ आर्काइव","slug":"india-news-archives"}}
कार्यकाल के बाद भी गडकरी ही रहेंगे भाजपा अध्यक्ष
नई दिल्ली/हरीश लखेड़ा
Updated Sun, 11 Nov 2012 09:54 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी के खिलाफ लगातार मुखर हो रहे विरोध के सुरों के बावजूद वे अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद भी कुर्सी पर बने रह सकते हैं। ऐसा संगठन की चुनाव प्रक्रिया पूरी होने में हो रही देरी के कारण हो सकता है।
विज्ञापन
गडकरी का कार्यकाल 19 दिसंबर को समाप्त होने जा रहा है। यदि गडकरी दोबारा पार्टी अध्यक्ष नहीं भी चुने जाते हैं तो भी वे 19 दिसंबर के बाद पार्टी की कमान थामे रह सकते हैं। ऐसा आकलन इसलिए है कि पार्टी संगठन की जारी चुनाव प्रक्रिया पर भी गडकरी प्रकरण से बुरा असर पड़ गया है और अब कछुआ चाल से ही आगे बढ़ रही है। इसलिए माना जा रहा है कि भाजपा के लिए तय अवधि तक नया अध्यक्ष चुने जाने की संभावना बहुत कम है। तय कार्यक्रम के अनुसार अगले माह दिसंबर तक यह चुनाव प्रक्रिया पूरी करनी है।
विज्ञापन
पार्टी के लिए नये अध्यक्ष चुनने के लिए उस अवधि तक पूरे देश में कम से कम 50 फीसदी राज्यों के लिए नये अध्यक्षों का चुना जाना आवश्यक है। लेकिन उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश,बिहार,राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र जैसे बड़े राज्यों के साथ ही पंजाब, हरियाणा उत्तराखंड आदि राज्यों में भी प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव नहीं हो पाया है। वैसे भी अभी तक एक भी प्रदेश के लिए नया अध्यक्ष चुना नहीं जा सकता है। मामला अभी मंडल अथवा जिला अध्यक्षों तक सीमित है। हालांकि भाजपा के नेता दावा कर रहे हैं कि तय समय में चुनाव पूरे हो जाएंगे।
विज्ञापन
इस चुनाव प्रक्रिया में देरी होने के पीछे गडकरी प्रकरण की रहा है। गडकरी पर लगे आरोपों के बाद बदले राजनीतिक समीकरणों के चलते ये चुनाव की अब मंद गति से चल रहे हैं। पहले पार्टी नेता आश्वस्त थे कि गडकरी की दोबारा ताजपोशी होने जा रही है, ऐसे में हाईकमान से मिले निर्देश के तहत चुनाव की गाड़ी आगे बढ़ रही थी,लेकिन बाद में उनकी ताजपोशी पर संशय के बादल मंडरा जाने से मामला थम सा गया।
पार्टी के एक नेता का कहना था कि यदि संगठन के चुनाव तय समय पर पूरे नहीं होते हैं तो गडकरी ही पार्टी की कमान थामें रहेंगे। क्योंकि यह कोई सरकारी पद नहीं है कि तय समय के बाद अध्यक्ष पदमुक्त हो जाए। इसलिए चुनाव पूरे होने तक गडकरी के पास ही भाजपा की कमान रहेगी। हालांकि गडकरी के समर्थकों ने अब भी उनकी दोबारा ताजपोशी की उम्मीद नहीं छोड़ी है। फिलहाल संघ का समर्थन जारी रहनेसे भी उनके समर्थक उत्साहित हैं।