'भाजपा नेता को SSP ने पिलाया पेशाब'
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कांठ में दलित वोटों के लालच में अकबरपुर चैदरी लाउडस्पीकर मुद्दे को लपकने वाली भाजपा पुलिस के तेवर देख बैकफुट पर है। पहले पार्टी ने महापंचायत का ऐलान किया फिर उससे साफ मुकर गई। भाजपा की इसी कसरत ने चार जुलाई को कांठ को जला दिया। ट्रैक पर बवाल हुआ तो पुलिस भी तेवरों में आ गई।
थाने में भाजपाइयों के साथ जो हुआ उसके किस्से आम हो चुके हैं। भाजपा के अहम ओहदेदार नेताओं तक को पुलिस ने बर्बरता से पीटा ही नहीं बल्कि जैसा भाजपाई खुद कह रहे हैं कि उन्हें पेशाब तक पिलाने की कोशिश की गई।
शायद यही वजह है कि तैश में आए प्रदेश अध्यक्ष डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी 15 से 30 जुलाई तक धरने और जेल भरो आंदोलन का ऐलान तो कर गए लेकिन कार्यकर्ताओं से लेकर नेताओं तक ने उससे साफ किनारा कर लिया। ये शायद गिरफ्तारी और कांठ लॉकअप की घटना की पुनरावृत्ति का ही खौफ था कि भाजपाइयों ने मंगलवार को घर की दहलीज लांघने में भी परहेज किया।
जिलाध्यक्ष का अपमान बर्दाश्त नहीं: वाजपेयी
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा कि कांठ में मुरादाबाद के भाजपा जिलाध्यक्ष का अपमान करने वाले एसएसपी को पार्टी सबक सिखाएगी। एसएसपी की हरकत माफी के काबिल नहीं है। संविधान के दायरे में एसएसपी को उसके किए की सजा मिलेगी।
बघरा के सैदपुर गांव में महर्षि कश्यप की मूर्ति का अनावरण करने आए वाजपेयी शहर में पूर्व विधायक अशोक कंसल के आवास पर उनके पिता को श्रद्धांजलि देने पहुंचे। यहां पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए वाजपेयी ने कहा कि मुरादाबाद में दिए गए वक्तव्य पर वह अडिग हैं। कांठ में एसएसपी ने जिलाध्यक्ष को चप्पलों से पीटा और अपने सामने उन्हें पेशाब पिलाया। भाजपा इस घटना का बदला हर हाल में लेगी। संविधान के दायरे में इस अधिकारी को सजा दिलाई जाएगी। इस अधिकारी को एक राजनीतिक पार्टी के जिलाध्यक्ष का अपमान करने का अधिकार किसने दिया। केंद्रीय मानवाधिकार आयोग इस मामले की जांच कर रहा है।
उन्होंने कहा कि सपा शासन में सबसे ज्यादा हमले जाटव समाज के मंदिरों पर हो रहे हैं। सपा ने एकतरफा मुस्लिमों का पक्ष लेने की ठान रखी है। ऐसे हालात में हिंदुत्व के नाते भाजपा हर तरह से दलितों का साथ देगी। जिलाध्यक्ष सतपाल पाल, जिला महामंत्री संजय अग्रवाल, उमेश मलिक, शहर अध्यक्ष श्रीमोहन तायल, जगदीश पांचाल, शिवराज त्यागी, सूरत सिंह वर्मा, अमिता चौधरी, देवव्रत त्यागी, अतुल सैनी, सुनील तायल, कपिल त्यागी, रमेश खुराना, विजय शुक्ला, विजय कश्यप कपिलदेव अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
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मुरादाबाद एसएसपी के बारे में दिए गए वक्तव्य पर अडिग हूं। भाजपा के दो - दो जिलाध्यक्ष का अपमान करने वाले एसएसपी को पार्टी सबक सिखाएगी। एसएसपी की हरकत माफी के काबिल नहीं है। संविधान के दायरे में एसएसपी को उसके किए की सजा दिलाएंगे। सपा शासन में सबसे ज्यादा हमले जाटव समाज के मंदिरों पर हो रहे हैं। सपा ने एकतरफा मुस्लिमों का पक्ष लेने की ठान रखी है। ऐसे हालात में हिंदुत्व के नाते भाजपा हर तरह से दलितों का साथ देगी। - डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा।
प्रदेश सरकार और प्रशासन की हठधर्मिता की वजह से हम आज कमिश्नरी पर आंदोलन की शुरुआत नहीं कर पाए। प्रशासन ने कार्यक्रम को प्रतिबंधित कर दिया है। लिहाजा 18 जुलाई तक प्रदेश नेतृत्व ने जिला मुख्यालयों पर कार्यक्रम करने का निर्देश दिया है। हम संघर्ष करेंगे, शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करना हमारा संवैधानिक अधिकार है। बुधवार को प्रदेश नेतृत्व आंदोलन की आगामी रणनीति का ऐलान कर देगा।- चौधरी भूपेंद्र सिंह, अध्यक्ष पश्चिमी उत्तर प्रदेश, भाजपा।
मुरादाबाद में आंदोलन के लिए पार्टी ने मना कर दिया है। बजट सेशन चल रहा है इसलिए सांसदों के सदन छोड़ने पर संसदीय कार्य मंत्री ने रोक लगा दी है। इसके लिए व्हिप भी जारी किया गया है। इसलिए पार्टी के निर्देशों के तहत ही हम फिलहाल इस आंदोलन में हिस्सा नहीं ले सकते। संसदीय कार्यमंत्री की इस बाबत प्रदेश अध्यक्ष से बात हो गई है। वकीलों के जरिए कानूनी लड़ाई लड़ी जा रही है। - कंवर सिंह तंवर, सांसद, अमरोहा।
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मसला लोकल यूनिट को देखना है। मैं सदन में व्यस्त हूं, मुरादाबाद में क्या हो रहा है मुझे पता नहीं है। पार्टी ने व्हिप जारी कर संसद छोड़ने पर रोक लगा दी है। सुना है जिला प्रशासन ने अनुमति भी नहीं दी है। अपने स्तर पर जो हो सकेगा करूंगा। आंदोलन का ऐलान और रुप रेखा संगठन ने बनाई है, महापंचायत की घोषणा भी संगठन ने की थी। जो पार्टी और संगठन तय करेगा उसी के मुताबिक काम करेंगे। मेरा मानना है कि सभी से सलाह मशविरा कर रणनीति बने। - डा. नैपाल सिंह, सांसद, रामपुर।
मुझे सूचना मिली है कि जिला प्रशासन ने आंदोलन पर प्रतिबंध लगा दिया है। पार्टी का सिपाही हूं संगठन और पार्टी जो आदेश करेंगे उसका पालन करूंगा। बुधवार को वेस्ट यूपी की मीटिंग में इस पर रणनीति बनेगी। लेकिन संगठन से भी मेरी इतनी विनती है कि आंदोलन की घोषणा करने से पहले मंडल के सभी छह सांसदों से भी बात कर ली जाए। कांठ मुद्दे पर महापंचायत का ऐलान करने से पहले भी मुझसे और बाकी सांसदों से कोई सलाह नहीं ली गई। पंद्रह से आंदोलन का ऐलान हुआ तो भी हमसे नहीं पूछा गया। - कुंवर सर्वेश सिंह, सांसद, मुरादाबाद।
कांठ आंदोलन शुरू से ही पार्टी के क्षेत्रीय अध्यक्ष चौधरी भूपेंद्र सिंह के नेतृत्व में चल रहा है। उन्होंने ही महापंचायत की घोषणा की थी। जिसका हमने पालन किया। आगे भी जैसा वो रणनीति बनाएंगे और निर्देश देंगे उसका पालन होगा। संसदीय कार्य मंत्री ने सभी संसदों को सदन में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए पार्टी ने व्हिप भी जारी की है जिसकी वजह से मैं मुरादाबाद नहीं पहुंच सका। क्षेत्रीय अध्यक्ष ने ही प्रदेश अध्यक्ष के साथ मिलकर मंगलवार से शुरू होने वाले आंदोलन की रुपरेखा बनाई थी। बदले हालात में वह जो फैसला लेंगे हम अमल करेंगे। - एडवोकेट सत्यपाल सैनी, सांसद संभल।
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धारा 144 लगने की वजह से प्रशासन ने अनुमति नहीं दी इसलिए प्रदेश नेतृत्व ने कार्यक्रम को स्थगित करके जिला मुख्यालयों पर करने को कहा है। इसी वजह से आज कमिश्नरी पर कार्यक्रम नहीं हो पाया। हम मुद्दों पर कायम हैं और लड़ाई जारी रहेगी। संभल का कार्यक्रम सफल रहा है। मुरादाबाद में प्रतिबंध की वजह से कार्यक्रम नहीं होगा।- रितेश गुप्ता, महानगर अध्यक्ष भाजपा।
बदले हालात में हमने तय किया है कि रामपुर, अमरोहा और बिजनौर में जिला मुख्यालयों पर कार्यकर्ता शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपेंगे। लाउडस्पीकर को हम भूले नहीं हैं, मंदिर पर लाउडस्पीकर की जंग लड़ी जाएगी। बुधवार को प्रदेश की मीटिंग में आंदोलन की अगली रणनीति घोषित की जाएगी।- विजय बहादुर पाठक, प्रदेश प्रवक्ता, भाजपा।
प्रशासन के प्रतिबंध की वजह से मुरादाबाद में आंदोलन नहीं हो सका। प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर चारों जिला मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। पार्टी की प्रदेश कमेटी की मीटिंग में अगली रूपरेखा तय होगी। हम मंदिर पर लाउडस्पीकर लगने, भाजपा कार्यकर्ताओं से मुकदमों की वापसी और दोषी अफसरों के दंडित होने तक चुप बैठने वाले नहीं हैं।- लोकेंद्र चौहान, विधायक नूरपुर।