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कांग्रेस को अलग-थलग करने में जुटी भाजपा

Wed, 04 Jun 2014 08:05 AM IST
Updated Wed, 04 Jun 2014 08:05 AM IST
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bjp playing new game for start dispute between congress

लोकसभा चुनाव में भारी शिकस्त देने के बाद अब भाजपा ने संसद में कांग्रेस को अलग-थलग करने के प्रयास तेज कर दिए हैं। भाजपा की कोशिश है कि बीजू जनता दल (बीजद), अन्नाद्रमुक और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को एनडीए के पाले में लाया जाए।

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इसके लिए भाजपा इन दलों को केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह देने को भी तैयार है। भाजपा यदि अपने इस मिशन में कामयाब हो जाती है तो लोकसभा में प्रमुख विपक्षी दल का दर्जा पाने के लिए जूझ रही कांग्रेस को एक और करारा सियासी झटका लगेगा और राज्यसभा में विधेयक पारित कराने के लिए भाजपा को संख्या बल जुटाने में भी मुश्किल नहीं होगी। राज्यसभा में इन तीनों दलों के कुल 26 सांसद हैं।
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ओडिशा के मुख्यमंत्री को साथ लाने की कोशिश

bjp playing new game for start dispute between congress

सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने आए ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक और मंगलवार को तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता को संकेत दे दिए गए हैं कि भाजपा उनके सांसदों को कैबिनेट में जगह देने को तैयार है।

लोकसभा में कांग्रेस के 44 सांसदों के बाद 37 सांसदों के साथ अन्नाद्रमुक तीसरी बड़ी पार्टी है। इसके बाद 34 सांसदों वाली टीएमसी और फिर 20 सांसदों वाली बीजद है।

भाजपा का प्रयास है कि ये दल किसी भी हालत में कांग्रेस अथवा लेफ्ट के पाले में न जाएं। टीएमसी तो लेफ्ट के पाले में नहीं जाएगी लेकिन उसका भाजपा के साथ आने की संभावना भी बहुत कम है, इसलिए भाजपा चाहती है कि टीएमसी कम से कम कांग्रेस के पाले में न जाए।

ममता बनर्जी को मनाने की है तैयारी!

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इसलिए भाजपा ने इस दलों के साथ संवाद तेज कर दिया है। वैसे भी ये तीनों दल पहले एनडीए में रह चुके हैं। सिर्फ मोदी के नाम पर उन्हें आपत्ति थी, लेकिन अब जबकि पूरे देश ने मोदी को भारी बहुमत देकर जीताया है, तो इन दलों के पास मोदी को लेकर कोई बहाना नहीं बचा है।

पटनायक लंबे समय से ओडिशा के लिए विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग करते रहे हैं। ममता बनर्जी और जयललिता भी केंद्र से ज्यादा अनुदान की मांग करती रही हैं। भाजपा का मानना है कि ऐसे में ये दल भी मोदी सरकार से दूरी बनाना पसंद नहीं करेंगे।

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