बरेली: छेड़छाड़ मामले में भाजपा का महापंचायत का ऐलान
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बरेली के पहाड़पुर गांव में लड़कियों से छेड़छाड़ को लेकर मंगलवार की महापंचायत प्रकरण में साध्वी प्राची के बखेड़े से खुद को असहाय महसूस कर रही जिले की भाजपा ने अब गहलुइया गांव का मुद्दा थाम लिया है।
शेरगढ़ थाना क्षेत्र में ही पहाड़पुर से सटे गहलुइया गांव में 19 जुलाई को ले जाई गई नाबालिग लड़की की बरामदी को पार्टी ने साध्वी की ही तर्ज पर महापंचायत कराने का ऐलान कर दिया है। इस मामले में मंगलवार को एसपी ग्रामीण से मिलने के बाद भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि अगर छह दिन में लड़की की बरामदगी पुलिस ने नहीं कराई तो पार्टी महापंचायत करके आंदोलन की रणनीति बनाएगी।
जिलाध्यक्ष राजकुमार शर्मा के नेतृत्व में एसपी ग्रामीण से मिले भाजपा नेताओं ने शेरगढ़ थाना पुलिस गहलुइया गांव से अपहृत कर ले जाई गई 14 साल की लड़की को सप्ताह भर बाद भी बरामद नहीं कर पाई है, इससे गांव के एक पक्ष में रोष है। इसे थामने के लिए लड़की की जल्द बरामदगी होनी चाहिए।
लड़की की बरामदगी के लिए दिया छह दिन का समय
एसपी ग्रामीण ने छह दिन में बरामदगी का आश्वासन दिया। जिलाध्यक्ष ने कहा कि अगर निर्धारित समय में लड़की की बरामदगी और उसे ले जाने वालों पर कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी गांव में महापंचायत करके थाने पर हल्ला बोलने की रणनीति बनाएगी।
पार्टी के प्रतिनिधि मंडल में प्रदेश प्रवक्ता डॉ. श्यामबिहारी लाल, धर्मपाल आजाद, नन्हेंलाल गंगवार, सुदीश पांडेय, आदेश प्रताप सिंह, अंकित शुक्ला, अजय राजपूत, धर्मविजय गंगवार आदि शामिल रहे।
अपने नेताओं के बचाव में आई भाजपा
साध्वी प्राची की महापंचायत में शामिल होने के आरोप में पुलिस कार्रवाई का शिकार हुए अपने दो नेताओं पूरनलाल लोधी और चक्रवीर सिंह चौहान के बचाव में भाजपा आ गई है।
पूरनलाल पूर्व जिलाध्यक्ष और क्षेत्रीय उपाध्यक्ष हैं जबकि चक्रवीर पंचायत प्रकोष्ठ के जिला संयोजक हैं। पार्टी जिलाध्यक्ष राजकुमार शर्मा ने बताया कि दोनों नेता निर्दोष हैं और पार्टी उन पर दर्ज मुकदमा वापसी के लिए पुलिस अधिकारियों से मिलेगी। इस पर विचार-विमर्श को पार्टी ने बुधवार को बैठक बुलाई है।
साध्वी प्राची की हालत बिगड़ी
बरेली पुलिस की पिटाई से घायल हुईं साध्वी प्राची को मंगलवार शाम मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि आजम खां के दबाव में पुलिस ने अमानवीय व्यवहार किया है।
साध्वी प्राची ने बताया कि सोमवार को वह शेरपुर के पहाड़पुर गांव में सभा करने जा रही थीं। एसपी देहात और पुलिस ने न केवल पंचायत करने से रोका, बल्कि सड़क पर घसीटकर पीटा गया। उन्हें कई घंटे तक धूप में बंधक बनाकर रखा गया। जब इलाज के लिए कहा गया तो पुलिस ने सुनवाई नहीं की।
मीरगंज थाने में एसडीएम की मौजूदगी में उन्हें और साधुओं को मुचलका भरवाने के बाद रिहा किया गया। उन्होंने बताया कि यह सब कैबिनेट मंत्री आजम खां के दबाव में किया गया। शेरगढ़ के पास पहाड़पुर गांव में 150 बेटियों ने छेड़छाड़ की घटना से तंग आकर पढ़ाई छोड़ दी है।
जिससे गांव की बहन बेटियों का भविष्य संकट में है। वह उनकी आवाज उठाने के लिए गांव जा रही थीं। साध्वी ने बताया कि पुलिस अधिकारियों ने साधुओं और उनके खिलाफ अभद्र व्यवहार किया। धमकी दी यदि महापंचायत की तो पूरी जिंदगी जेल में रहना होगा।
हिंदू संगठनों के लोग पहुंचे मेडिकल
साध्वी प्राची के भर्ती होने की जानकारी पर कुलदीप तोमर, दिगबंर सिंह चौहान, गगन सोम, तेज बहादुर, यश कुमार, अंकित गर्ग, दिग्विजय चौहान, कपिल शर्मा, विशाल कौशिक, प्रवीण, दीपक ठाकुर, सीसीएसयू के छात्र उनसे मिलने पहुंचे।