आडवाणी को एक बार फिर अपनों ने किया 'बे-आबरू'
बंगलूरू में हुई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के बाद भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी को एक बार फिर बेआबरू होना पड़ा है। उन्हें पार्टी के 35वें स्थापना दिवस समारोह के लिये निमंत्रण ही नहीं भेजा गया।
निमंत्रण नहीं मिलने के कारण पार्टी के संस्थापक रहे आडवाणी 35 साल के इतिहास में पहली बार स्थापना दिवस कार्यक्रम से दूर रहे।
वह भी तब जब पार्टी इस समारोह में दुनिया का सबसे बड़ा राजनीतिक दल बनने और पहली बार अपने दम पर केंद्र की सत्ता में कब्जा करने लायक बहुमत जुटा कर बड़ा जश्न मना रही थी।
खास बात यह है कि इस दौरान समारोह में पार्टी के दूसरे सबसे बड़े नेता डॉ मुरली मनोहर जोशी भी नहीं दिखे। हालांकि यह पता नहीं चल पाया कि उन्हें पार्टी की ओर से समारोह में शामिल होने का निमंत्रण दिया गया था या नहीं।
आडवाणी के साथ जोशी भी नहीं आए नजर
मुरली मनोहर जोशी पहले भी दिल्ली में रहने के बावजूद कई बार स्थापना दिवस समारोह से दूर रहे हैं। इससे पहले पीएम मोदी ने सुबह ही पार्टी कार्यकर्ताओं को 35वें स्थापना दिवस की बधाई दी।
पार्टी मुख्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि कार्यकर्ताओं की बदौलत ही भाजपा को दुनिया का सबसे बड़ा राजनीतिक दल बनने का गौरव हासिल हुआ है।
शाह ने कहा कि कार्यकर्ताओं की मेहनत के बदौलत ही करीब साढ़े तीन दशक बाद केंद्र में न केवल गैरकांग्रेसी सरकार बनी, बल्कि भाजपा अपने दम पर बहुमत हासिल करने का करिश्मा भी कर पाई।