महिषासुर पर संसद में संग्राम,अपने सांसद की वजह से बैकफुट पर BJP
संसद में 'महिषासुर शहादत दिवस' के मुद्दे पर जोरदार हंगामा देखने को मिल रहा है। जेएनयू में 'महिषासुर फेस्टिवल' मनाए जाने का मुद्दा केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने बृहस्पतिवार को संसद में उठाया।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में देवी दुर्गा का अपमान किया गया, उनके खिलाफ पर्चे बांटे गए। साथ ही सवाल भी किया कि कैंपस में ऐसा करने वाले क्या छात्र हो सकते हैं। इतना ही नहीं केंद्रीय मंत्री ने इस मुद्दे पर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को भी घेरने की कोशिश भी की। जिसके बाद कांग्रेस समेत पूरा विपक्ष नाराज हो गया।
इस बीच खुलासा हुआ है कि साल 2013 में महिषासुर दिवस पर आयोजित एक कार्यक्रम में बीजेपी सांसद उदित राज शामिल हो चुके हैं। इस बात की पुष्टि खुद उदित राज ने भी की है। आपको बता दें कि उस समय वह बीजेपी में नहीं थे। उन्होंने 2014 में बीजेपी की सदस्यता ली थी।
स्मृति ईरानी ने संसद में उठाया मुद्दा
अंग्रेजी अखबार टेलीग्राफ की खबर के मुताबिक दिल्ली में 17 अक्टूबर 2013 को महिषासुर फेस्टिवल का आयोजन किया गया। फेस्टिवल का मुद्दा था 'हिंदू मिथक और बहुजन संस्कृति'।
इस कार्यक्रम में बीजेपी सांसद उदित राज शामिल हुए। हालांकि इस मुद्दे पर जब उदित राज से बात की गई तो उन्होंने माना कि मैं इस कार्यक्रम में शामिल हुआ था।
उनके मुताबिक वह दलित समुदाय के नेता हैं। महिषासुर को दलितों का मसीहा माना जाता है। ये बात अंबेडकर जी ने भी मानी थी।
मामले पर क्या बोले बीजेपी सांसद उदित राज?
बीजेपी सांसद उदित राज ने हालांकि ये भी कहा कि जब वह इस कार्यक्रम में गए थे तब बीजेपी में नहीं थे। लेकिन महिषासुर को लेकर जो भी बातें कही जा रही हैं वह मान्यताओं पर आधारित हैं। मैं बाबा साहेब अंबेडकर की विचारधारा को मानता हूं। इसलिए महिषासुर को शहीद मानता हूं।
दूसरी ओर योगी आदित्यनाथ से जब इस मुद्दे पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि जिस समय उदित राज महिषासुर के कार्यक्रम में शामिल होने गए तो वह बीजेपी में नहीं थे।
हालांकि उन्होंने ये जरूर कहा कि जेएनयू में छात्रों को क्या ऐसे कार्यक्रम आयोजित करना चाहिए।