भाजपा ने किया सीबीआई डायरेक्टर की नियुक्ति का विरोध
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भाजपा ने नए सीबीआई डायरेक्टर रंजीत सिन्हा की नियुक्ति का विरोध किया है। भाजपा नेता सुषमा स्वराज और अरुण जेटली ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखकर इस नियुक्ति पर नाराजगी जताई है। भाजपा ने नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि नए सीबीआई डायरेक्टर की नियुक्ति संसद में लोकपाल ड्राफ्ट बिल रखे जाने से कुछ घंटे पहले ही क्यों हु्ई? बताया जा रहा है कि रंजीत सिन्हा की नियुक्ति के पीछे सरकार का मकसद दिल्ली पुलिस कमिश्नर नीरज कुमार की यचिका पर आने वाले सेंट्रल एडमिनीस्ट्रेटिव ट्राईब्यूनल के फैसले से बचना भी है।
हालांकि सरकार द्वारा आईटीबीपी प्रमुख रंजीत सिन्हा को नया डायरेक्टर नियुक्त करने के बाद नीरज कुमार ने अपनी याचिका वापस ले ली है। गौरतलब है कि मौजूदा सीबीआई डायरेक्टर 30 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं। आम तौर पर सीबीआई निदेशक के रिटायर होने से एक-दो दिन पहले नए डायरेक्टर की नियुक्ति के घोषणा होती है।
लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज और राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने प्रधानमंत्री को भेजी चिट्ठी में कहा है कि प्रस्तावित लोकपाल कानून में व्यवस्था है कि सीबीआई डायरेक्टर की नियुक्ति प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता और देश के मुख्य न्यायाधीश की कमेटी द्वारा किया जाएगा। भाजपा ने कहा है कि नए डायरेक्टर की नियुक्ति में इस प्रक्रिया का पालन क्यों नहीं किया गया? कांग्रेस ने इस मामले में कहा है कि लोकपाल ड्राफ्ट बिल अभी कानून नहीं बना है, इसलिए ऐसा करना पड़ा है।