हिंदी की हिमायती BJP ने किया हिंदी का विरोध
कुछ साल पहले महाराष्ट्र विधानसभा में हिंदी भाषा में शपथ लेने पर समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आसिम आजमी की पिटाई सुर्खियों में रही थी। उसके बाद अब मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) में हिंदी बोलने पर सपा पार्षद अशरफ आजमी का मुंह बंद करा दिया गया है।
आश्चर्य की बात यह है कि हिंदी की हिमायती भाजपा के नगरसवकों ने ही हिंदी बोलने का विरोध कर बखेड़ा खड़ा किया है। बीएमसी सदन में हिंदी में बहस पर कोई पाबंदी नहीं है, लेकिन मुंबई शहर की जर्जर इमारतों पर चर्चा के दौरान मुंबई के पूर्व उपमहापौर और भाजपा पार्षद दिलीप पटेल ने सपा के आजमी को हिंदी में नहीं बोलने दिया।
भाजपा-शिवसेना के पार्षदों ने मराठी में बोलने का दबाव बनाया और सदन में अशरफ आजमी को चुप करा दिया। इसके खिलाफ सपा, कांग्रेस और एनसीपी के पार्षदों ने सदन का बहिष्कार किया। हिंदी में बोलने पर रोक को कांग्रेस ने मुद्दा बना दिया है।
कांग्रेस ने की भाजपा की आलोचना
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत ने कहा कि अपने बच्चों को अंग्रेजी पढ़ाने वाले लोग मराठी को लेकर राजनीति कर रहे हैं। लाखों मराठी दूसरे राज्यों में रह रहे हैं, जिन्हें इस तरह की राजनीति से परेशानी होती है। उन्होंने भाजपा के हिंदी प्रेम पर सवाल उठाते हुए सतही राजनीति करने का आरोप लगाया है।
उधर, अंदरखाने खबर है कि मुंबई के सभी उद्यानों में रिलायंस टेलिकॉम के 4जी टॉवर लगाने के प्रस्ताव को कोई पार्षद सदन में चुनौती न दे इसलिए भाजपा-शिवसेना ने हिंदी की आड़ में यह हरकत की है।
दरअसल, मुंबई के सभी उद्यान बीएमसी के हैं। बीएमसी ने इन उद्यानों में रिलायंस टेलिकॉम 4जी टॉवर लगाने का प्रस्ताव पहले ही पारित किया है। अब वहां टॉवर लगने भी शुरू हो गए हैं।