फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   bjp not in favor of communal violence bill

सांप्रदायिक हिंसा रोकथाम विधेयक के विरोध में भाजपा

Wed, 23 Oct 2013 04:47 AM IST
अमर उजाला, नई दिल्ली
अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 23 Oct 2013 04:47 AM IST
विज्ञापन
bjp not in favor of communal violence bill

सांप्रदायिक हिंसा रोकथाम विधेयक को कांग्रेस का वोट बैंक विधेयक करार देते हुए भाजपा इसके विरोध में उतर आई है। पार्टी ने केंद्र सरकार को चेताया है कि यह विधेयक देश में गृह युद्ध जैसे हालत पैदा कर सकता है।

विज्ञापन


भाजपा का मानना है कि पांच राज्यों की विधानसभा व लोकसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस ने इस विधेयक को संसद में पेश करने का शिगूफा फेंका है। इसलिए पार्टी भी पूरे दमखम के साथ मैदान में उतर आई है।
विज्ञापन


पार्टी उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि कांग्रेस की यह चाल भी कामयाब नहीं होगी। क्योंकि अब पूरा देश नरेंद्र मोदी मूड में है। कांग्रेस को वोट बैंक की पेशेवर पार्टी बताते हुए नकवी ने कहा कि यह विधेयक नकारात्मक सोच का परिणाम है, कांग्रेस हर चुनाव से पहले वोट बटोरने के लिए इसी तरह के ‘टोने-टोटके’ करती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


जैसे कि उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने धर्म आधारित आरक्षण की बहस शुरू की थी। नकवी ने कहा कि यूपीए सरकार ने 2004 में सत्ता में आने पर पोटा खत्म कर संदेश दिया था कि वह आतंकियों की दोस्त है, उसी तरह अब अपनी विदाई की बेला में सांप्रदायिक हिंसा रोकथाम विधेयक लाकर संदेश देना चाहती है कि वह दंगाइयों की दोस्त है।

नकवी ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की अध्यक्षता वाली एनएसी यानी ‘सुपर कैबिनेट’ में शामिल जमीन से कटे लोगों ने इस विधेयक को तैयार किया और अब प्रधानमंत्री समेत कैबिनेट की हिम्मत नहीं है कि इसमें कोई बदलाव कर सके।


उन्होंने कहा कि यह सरकार दंगाइयों की पहचान भी धर्म के आधार पर करना चाहती है। एक समुदाय विशेष को लक्ष्य बनाकर यह विधेयक लाया जा रहा है, लेकिन भाजपा ऐसा होने नहीं देगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed