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गुजरात में मुसलमानों को भाजपा ने नहीं दिया टिकट
अहमदाबाद/इंटरनेट डेस्क
Updated Sat, 01 Dec 2012 03:47 PM IST
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गुजरात विधानसभा चुनाव में भाजपा ने एक भी मुसलिम प्रत्याशी को टिकट नहीं दिया है। पार्टी अब तक 182 में से 181 सीटों के लिए उम्मीदवारों का ऐलान कर चुकी है। करीब 6 करोड़ आबादी वाले गुजरात में मुसलमानों की तादाद 9.1 फीसदी है। उल्लेखनीय है कि गुजरात में 13 और 17 दिसंबर को दो चरणों में चुनाव होंगे और वोटों की गिनती 20 दिसंबर को होगी।
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हालांकि भाजपा ने अपने इस फैसले का बचाव किया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता शाहनवाज हुसैन का कहना है कि भाजपा किसी भी प्रत्याशी को धर्म के आधार पर नहीं, बल्कि उसकी छवि और जीतने की संभावना पर टिकट देती है। वहीं कांग्रेस सांसद जगदंबिका पाल ने बीजेपी की आलोचना करते हुए बताया कि किसी भी मुसलिम प्रत्याशी को टिकट नहीं देने से भाजपा की कथनी और करनी का साफ अंतर सामने आ गया है।
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उल्लेखनीय है कि चुनाव से पहले मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुसलमानों को आकर्षित करने के लिए पूरे प्रदेश में सद्भावना यात्रा की थी। ऐसा माना जा रहा था कि इस बार भाजपा की लिस्ट में कुछ मुसलमाना प्रत्याशी भी होंगे।
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वहीं कांग्रेस ने भी इस बार महज 6 मुसलिम उम्मीदवारों को ही टिकट दिया है। मुलायम सिंह की समाजवादी पार्टी और राम विलास पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) ने मुसलमानों को जरूर टिकट दिया है पर इन पार्टियों का गुजरात में न के बराबर प्रभाव है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पूरे गुजरात में भले मुसलिमों की 9.1 फीसदी आबादी है लेकिन वे बिखरे हुए हैं। अहमदाबाद को छो़ड़ दिया जाए तो पूरे सूबे में मुसलिम मतदाताओं की इतनी संख्या नहीं है कि वे किसी को जीता या हरा सकें। 1995 में गुजरात विधानसभा में सबसे अधिक 11 मुसलिम विधायक थे।