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भाजपा को नहीं मिल पा रहा गडकरी का विकल्प
नई दिल्ली/हरीश लखेड़ा
Updated Tue, 01 Jan 2013 11:55 PM IST
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देशभर में पार्टी संगठन के चुनाव में जुटी भाजपा को उत्तरायण के बाद ही नया अध्यक्ष मिल पाएगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार मकर संक्रांति से सूर्यदेव के उत्तर दिशा में प्रवेश करने के बाद ही शुभ कार्य शुरू होते हैं। इसलिए माना जा रहा है कि भाजपा इसी दिन का इंतजार कर रही है। वैसे भाजपा नेतृत्व को अध्यक्ष के लिए नितिन गडकरी का विकल्प भी नहीं मिल पा रहा है।
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लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज का नाम नये अध्यक्ष के लिए सबसे ज्यादा उछाला जा रहा है। मगर पार्टी यह भी मान रही है कि सुषमा के पार्टी की कमान थामने पर विपक्ष के नेता के लिए भी नया नाम तलाशना होगा। इससे पार्टी के भीतर एक और खींचतान शुरू हो जाने की आशंका है।
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लोकसभा में डा. मुरली मनोहर जोशी, राजनाथ सिंह, यशवंत सिन्हा, जसवंत सिंह, अनंत कुमार, गोपीनाथ मुंडे समेत नेताओं की लंबी सूची है, जो खुद को इस पद के काबिल मानते हैं। राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली को लेकर मुश्किल यह है कि वहां भी उनका उत्तराधिकारी चुनने के लिए मुश्किल हो जाएगी।
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इसके अलावा जेटली अब तक चुनावी राजनीति से दूर रहे हैं। पूर्व अध्यक्ष राजनाथ सिंह के नाम पर वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी खेमे के राजी होने की संभावना बहुत कम दिख रही है। खुद उत्तर प्रदेश में राजनीतिक खींचतान बढ़ने की आशंका है, जबकि पूर्व अध्यक्ष वैंकेया नायडू को लेकर भी भाजपा में ज्यादा उत्साह नहीं दिख रहा है।
इनके अलावा नये नाम पर दांव लगाने के लिए भाजपा तैयार नहीं दिख रही है क्योंकि पार्टी भी मानने लगी है कि लोकसभा चुनाव समय से पहले हो सकते हैं। वैसे यदि चुनाव तय समय यानी 2014 में ही होते हैं, तो भी भाजपा के नये अध्यक्ष को चुनावी जंग की तैयारी के लिए मात्र डेढ़ साल मिलेगा। इसलिए संघ व भाजपा को गडकरी का विकल्प नहीं दिख रहा है। दूसरी ओर गडकरी के लिए नया कुछ भी नहीं है। अपने आपूर्ति समूह के विवाद में घिरने से पहले गडकरी को दोबारा भाजपा की कमान सौंपने का फैसला हो चुका था।
वैसे भी गुजरात फतह के बाद मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी का कद बढ़ जाने के बाद अब गडकरी प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी की दौड़ में शामिल नहीं रह गये हैं। ऐसे में संघ गडकरी को ही भाजपा की कमान सौंपने के पक्ष में है। माना जा रहा है कि जनवरी के दूसरे हफ्ते में संघ और भाजपा नेताओं की बैठक के बाद पार्टी के नये अध्यक्ष के नाम का ऐलान हो जाएगा।