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'2013 में चार प्रदेश, 2014 में सारा देश'
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Mon, 07 Oct 2013 09:26 AM IST
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इसी साल नवंबर-दिसंबर में पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों में भाजपा ‘2013 में चार प्रदेश, 2014 में सारा देश’ के नारे के साथ चुनाव मैदान में उतरेगी।
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खासतौर पर अल्पसंख्यकों को लुभाने की मुहिम में जुटी भाजपा ने इस वर्ग के लिए ‘तुष्टिकरण नहीं सशक्तिकरण’ का नया नारा दिया है।
पार्टी के चुनाव कार्यक्रम एवं समन्वय समिति के प्रभारी मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि पार्टी के प्रति अल्पसंख्यकों में फैलाई गई भ्रंतियों को दूर करने के लिए जारी होने वाले दृष्टि पत्र में कई बातों का उल्लेख होगा।
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इसमें वक्फ संपत्ति, शिक्षा, स्वरोजगार, समानता का अधिकार जैसे अहम मुद्दों का जिक्र होगा।
उल्लेखनीय है कि पार्टी ने अपनी इसी रणनीति के तहत अब तक राम मंदिर, धारा 370 और समान नागरिक संहिता जैसे मुद्दों को बहुत ज्यादा तूल नहीं दिया है।
नकवी ने कहा कि भाजपा विधानसभा चुनाव में ‘2013 में चार प्रदेश, 2014 में सारा देश’ नारे के साथ चुनाव मैदान में उतरेगी। उन्होंने कहा कि इन चुनावों के बेहतर नतीजे आने के बाद भाजपा का 2014 में केंद्र की सत्ता का मार्ग प्रशस्त होगा।
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नकवी ने कहा कि पार्टी का पूरा ध्यान अल्पसंख्यकों में फैली भ्रांतियों को दूर करने का है। इसके तहत पार्टी अपने दृष्टिपत्र में अल्पसंख्यक वर्ग के मुख्य मुद्दों पर अपनी राय बेबाकी से रखेगी।
उन्होंने दावा किया कि भाजपा अकेली पार्टी है तो इस वर्ग को समाज की मुख्य धारा से जोड़ना चाहती है। अगला चुनाव सुशासन के मुद्दे पर लड़ने की घोषणा करते हुए नकवी ने कहा कि पार्टी के सभी वरिष्ठ नेता जल्द ही राजस्थान, दिल्ली, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव प्रचार में जुटेंगे।