BJP को मोदी के बाद पन्ना प्रभारियों पर भरोसा
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जम्मू-कश्मीर और झारखंड के चुनावी जंग में कमल खिलाने के मामले में भाजपा का पीएम नरेंद्र मोदी के बाद सबसे अधिक भरोसा 'पन्ना प्रभारियों' पर है।
हरियाणा और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की तरह ही पार्टी ने इन राज्यों में भी मतदाता सूची के हर पन्ने के लिए प्रभारी बनाने को पूरी ताकत झोंक दी है। 'पन्ना प्रभारियों' का दायित्व अपने पृष्ठ के पार्टी समर्थक मतदाताओं की पहचान कर उन्हें हर हाल में मतदान केंद्र पहुंचाना होता है।
पार्टी मानती है कि इन्हीं पन्ना प्रभारियों की मेहनत के बदौलत उसे हरियाणा और महाराष्ट्र में नजदीकी मुकाबले वाली करीब चार दर्जन सीटों पर सफलता हाथ लगी थी। अब पार्टी अपने इस सफल प्रयोग को जम्मू-कश्मीर और झारखंड चुनावों में भी पूरी शिद्दत से आजमाना चाहती है।
जम्मू-कश्मीर और झारखंड में खास तैयारी
इसके तहत पार्टी ने कश्मीर घाटी की 18 सीटों के सभी बूथों पर पन्ना प्रभारी नियुक्त कर दिए हैं। झारखंड में भी पहले और दूसरे चरण के मतदान के तहत आने वाली सीटों के लिए पन्ना प्रभारी को काम पर लगा दिया है।
पार्टी की रणनीति अगले एक हफ्ते में जम्मू और लद्दाख संभाग की सीटों के अलावा झारखंड की बाकी बची सीटों के सभी बूथों पर हर हाल में पन्ना प्रभारी नियुक्त करने की है।
उल्लेखनीय है कि 'पन्ना प्रभारी' का आइडिया पार्टी अध्यक्ष अमित शाह का है। शाह ने अध्यक्ष बनने के बाद मोदी सरकार की अग्निपरीक्षा माने जाने वाले हरियाणा और महाराष्ट्र चुनाव में अपने इस आइडिया को आजमाया और उन्हें इसका लाभ भी मिला।